न्यूरो चिकित्सा क्षेत्र के दो विद्वानों का 24 घंटे में निधन

Newswrap हिन्दुस्तान, वाराणसी
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Varanasi News - वाराणसी में न्यूरो चिकित्सा जगत ने पिछले 24 घंटे में दो प्रमुख चिकित्सकों को खो दिया है। प्रो. ऊषाकांत मिश्रा और प्रो. सुरेश्वर मोहंती का निधन चिकित्सा क्षेत्र में गहरा दुख लेकर आया है। प्रो. मिश्रा ने जापानी इंसेफेलाइटिस पर महत्वपूर्ण शोध किया और दोनों चिकित्सक छात्रों और मरीजों के बीच अत्यंत लोकप्रिय थे।

न्यूरो चिकित्सा क्षेत्र के दो विद्वानों का 24 घंटे में निधन

वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। न्यूरो चिकित्सा जगत ने पिछले 24 घंटे में दो मूर्धन्य चिकित्सकों और अनुसंधानकर्ताओं को खो दिया। संजय गांधी पीजीआई और आईएमएस बीएचयू से जुड़े दोनों वयोवृद्ध चिकित्सकों के निधन पर वाराणसी का चिकित्सा जगत मर्माहत है। बीएचयू के प्रख्यात न्यूरोलॉजिस्ट प्रो. विजयनाथ मिश्रा ने बताया कि उनके गुरु प्रो. ऊषाकांत मिश्रा का जन्म आजमगढ़ में हुआ था। उन्होंने 1986 में संजय गांधी पीजीआई लखनऊ में न्यूरोलॉजी विभाग शुरू किया था। जापानी इंसेफेलाइटिस पर गहन अनुसंधान किया। यह वह दौर था जब गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों में इस बीमारी से बच्चों की मौत के आंकड़े आसमान पर थे।

प्रो. मिश्रा के जापानी इंसेफेलाइटिस और भोपाल गैसकांड पर किए गए अनुसंधान पूरी दुनिया में प्रसिद्ध हैं। आईएमएस बीएचयू के निदेशक प्रो. एसएन संखवार ने कहा कि पीजीआई लखनऊ में सेवाओं के दौरान उन्हें प्रो. मिश्रा ने हमेशा मार्गदर्शन दिया। शुक्रवार की सुबह उनका निधन हो गया। इससे पहले गुरुवार की रात ही आईएमएस बीएचयू के पूर्व निदेशक और न्यूरो सर्जरी के वरिष्ठ चिकित्सक प्रो. सुरेश्वर मोहंती का भी निधन हो गया। प्रो. विजयनाथ मिश्रा और प्रो. रामेश्वरनाथ चौरसिया ने बताया कि बीएचयू में न्यूरो सर्जरी विभाग की शुरुआत उन्होंने ने ही की थी। वह छात्रों के बीच लोकप्रिय शिक्षक और मरीजों के बीच लोकप्रिय चिकित्सक के रूप में विख्यात थे।

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