पत्नी की अंत्येष्टि में शामिल न होने पर पति के खिलाफ हंगामा
पैगंबरपुर में पत्नी की अंत्येष्टि में शामिल न होने पर स्थानीय लोगों ने हंगामा किया। पति ललन बिंद का कहना है कि वह 1992 से अलग रह रहे हैं, जबकि पहली पत्नी उषा देवी की मौत के बाद उनके बेटे ने अंतिम संस्कार में भाग नहीं लेने का विरोध किया। पुलिस ने मामला शांत कराया।

सारनाथ, संवाददाता। पैगंबरपुर में पत्नी की अंत्येष्टि में शामिल न होने पर पुत्र सहित स्थानीय लोगों ने रविवार सुबह सड़क पर शव रखकर हंगामा कर दिया। मौके पर पहुंचे पुरानापुल चौकी प्रभारी अनुज कुमार शुक्ला ने लोगों को समझा-बुझाकर मामला शांत किया। उन्होंने पति द्वारा अंत्येष्टि कार्यक्रम को करवाया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने शव को लेकर सरायमोहाना घाट ले गए, जहां पुत्र ने मुखाग्नि दी। जानकारी के अनुसार पैगंबरपुर निवासी ललन बिंद ने दो शादी की थी। पहली पत्नी उषा देवी (55) पिछले कई महीनों से बीमार थी। बीमारी की वजह से उषा देवी की मौत हो गई। पहली पत्नी के पुत्र अवधेश कुमार व पुत्री अर्चना बिंद का कहना है कि पिता ललन प्रसाद बिंद ने तलाक लिए बिना ही उन्हें अलग कर दिया है।
पैगंबरपुर (पंचक्रोशी) में पड़ोस में ही किराए के मकान में बहन के साथ रहते हैं। वह अपनी मृत पहली पत्नी उषा देवी के अंत्येष्टि में भूमिका नहीं निभा रहे हैं। उधर, ललन प्रसाद बिंद का कहना है कि वह पहली पत्नी उषा देवी से 1992 से ही अलग रह रहे हैं। 1993 में वह मंजू देवी से शादी कर लिए हैं और उनका तलाक हो चुका है। हालांकि, पुलिस द्वारा तलाक पेपर मांगने पर दिखा नहीं सके। मौके पर पहुंचे पुरानापुल चौकी प्रभारी अनुज कुमार शुक्ला ने समझा-बुझाकर पति ललन प्रसाद बिंद से अंत्येष्टि में होने वाले रस्म को करवाया। इसके बाद स्थानीय लोगों ने पहली पत्नी के पुत्र अवधेश के साथ शव को सरायमोहाना घाट ले गए, जहां पुत्र ने मुखाग्नि दी। ललन प्रसाद बिंद की दूसरी पत्नी से दो पुत्री व इसके पुत्र हैं।
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