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टेक्नेक्स: आईआईटी बीएचयू में बसा नॉलेज टाउन

कैंपस के चारो ओर ज्ञान और तकनीक आधारित प्रदर्शनी सजी

आईआईटी बीएचयू में तकनीकी उत्सव टेक्नेक्स की औपचारिक शुरुआत शुक्रवार को हुई जबकि इसका विधिवत उद्घाटन शनिवार को स्वतंत्रता भवन सभागार में इजराइल की प्रो. नोबेल लारियट करेंगी। टेक्नेक्स में आयोजित होने वाली प्रतियोगिताओं के विजेताओं को करीब 40 लाख रुपये के पुरस्कार बांटे जाएंगे। 

नॉलेज टाउन के रूप में बसाये गए टेक्नेक्स कैंपस में चारो तरफ ज्ञान व तकनीक की प्रदर्शनी सजी है। राजपूताना खेल मैदान में अविष्कारों को सजाया गया है। इनमें तकनीकी दक्ष युवाओं की बनाई ऐसी मशीनें भी हैं जिनका रोजमर्रा के जीवन में काफी उपयोग है।  

शुक्रवार को स्वतंत्रता भवन सभागार में इंटेल के चीफ सिस्टम टक्नोलॉजिस्ट तथा यूएसबी केबल के जनक अजय भट्ट भविष्य के इंजीनियरों से रू-ब-रू हुए। उन्होंने कहा कि अविष्कार केवल पैसा कमाने के लिए नहीं बल्कि समाज व देश को सबल बनाने के लिए भी होना चाहिए। भट्ट ने कहा कि सभी को परिवर्तन लाने का मौका नहीं मिलता। इसलिए वे अपने को भाग्यशाली मानें जिनके हाथों नए अविष्कार होते हैं। भावी इंजीनियरों के साथ उनका देर तक सवाल जवाब का दौर चला। 

वहीं सभागार के बाहर कहीं रोबोट अपने हुनर का प्रदर्शन कर रहे थे तो कहीं बाधाओं को पार कर दमखम का परिचय दिया। तकनीकी उत्सव में जुटे करीब दो हजार युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। कंप्यूटर गेम में भी प्रतिभागियों ने दक्षता दिखाई। टेक्नेक्स में ज्ञान के साथ ही मनोरंजन का भी इंतजाम किया गया है। बंजी जंपिंग के साथ ही कंप्यूटर गेम में प्रतिभागी शिरकत करेंगे। 

पसीना बहाओ-बिजली बनाओ
आईआईटी बीएचयू के तकनीकी उत्सव में बुद्धा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलाजी गीडा गोरखपुर से आए युवाओं ने बिजली पैदा करने वाली सस्ती मशीन का इजाद किया है। इस मशीन को बनाने में महज 25 सौ रुपये खर्च हुए। खास यह कि एक घंटा पैडल चलाकर करीब पांच घंटे तक पंखा चलाने व सीएफएल जलाने की बिजली बनाई जा सकती है। इस उपकरण का उपयोग उन सुदूर गांवों में किया जा सकता है जहां बिजली नहीं है। इसके अलावा जिम में भी यह उपयोगी हो सकती है। इस मशीन के माध्यम से बिजली को बैटरी में स्टोर भी किया जा सकता है। इसको बनाने में अपूर्व सक्सेना, गौरव श्रीवास्तव, हर्षित शर्मा, अंकुर केडिया तथा दुर्गेश मिश्रा ने सहयोग किया है। 

सड़क से खेत तक रफ्तार भरेगी बाइक 
टेक्नेक्स के एक्जीबिशन ग्राउंड में एक बाइक भी प्रदर्शित है जो सड़क से खेत तक अपनी रफ्तार कायम रख सकती है। यह अविष्कार सेना के जवानों तथा पुलिस बल के काम आयेगा। यह बाइक सड़क पर 90 किमी की रफ्तार भरेगी। उबड़-खाबड़ सड़क अथवा खेत में भी चलाई जा सकती है। इसे पेट्रोल के अलावा बैटरी व सीएनजी से भी चलाया जा सकता है। करीब 85 हजार रुपये की खर्च में सस्पेंशन बाइक बन जाएगी। इसे बनाने की सोच इनोवेटर शिव चंद विश्वकर्मा में पैदा हुई। इसके निर्माण में आशीष मिश्र, एकता शर्मा, अनिकेत अवस्थी, धीरेन्द्र यादव तथा अमरनाथ साहनी सहयोगी बने। 

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  • Web Title: Knowledge Town in IIT BHU