रंगभरी: नेहरू परिवार से जुड़ी है बाबा के खादी धारण की परंपरा
Varanasi News - वाराणसी के श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में रंगभरी एकादशी पर इस बार बाबा खादी के राजसी वस्त्र धारण करेंगे। यह परंपरा 1934 में पं. जवाहरलाल नेहरू की माता स्वरूप रानी के अनुरोध पर शुरू हुई थी। तब से हर वर्ष बाबा को खादी पहनाया जाता है, जो स्वदेशी भावना का प्रतीक है।

वाराणसी, मुख्य संवाददाता। श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर में रंगभरी एकादशी पर इस बार 91वां मौका होगा जब बाबा खादी के राजषी वस्त्र धारण करेंगे। इस चलन की शुरुआत 1934 में पं.जवाहर लाल नेहरू की माता स्वरूप रानी की पहल पर मंदिर के महंत परिवार ने की थी। हुआ यह था कि 1933 में रंगभरी के दिन बाबा का दर्शन करने के बाद उन्होंने इस उत्सव विशेष पर बाबा को खादी के शाही वस्त्र धारण कराने का अनुरोध किया था। महंत परिवार के प्रतिनिधि पं.वाचस्पति तिवारी ने बताया कि उन दिनों स्वदेशी के भाव जन-जन में फूट रहे थे। उन्होंने देवाधिदेव की रजत प्रतिमा को खादी धारण कराने का लिखित अनुरोध मंदिर के तत्कालीन महंत पं. महावीर प्रसाद तिवारी से किया।
स्वरूप रानी की राष्ट्र भक्ति की भावना का सम्मान करते हुए उन्होंने तत्क्षण घोषणा कर दी थी कि अगले वर्ष से बाबा विश्वनाथ को रंगभरी एकादशी के दिन खादी के शाही वस्त्र धारण कराए जाएंगे।
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