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VIDEO काशी विद्यापीठ के गले की फांस बनी लॉ प्रवेश परीक्षा, अब निरस्त करने का विरोध

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ प्रशासन के लिए विधि प्रवेश परीक्षा गले की फांस बन गयी है। परीक्षा निरस्त करने के फैसले से गुस्साए छात्रों के दूसरे गुट ने गुरुवार को प्रशासवनिक भवन में कामकाज ठप करा दिया। इन छात्रों का कहना है कि सिर्फ दो छात्रों की गलतियों का खमियाजा हजारों छात्र क्यों भुगतें। 

छात्रों ने विरोध प्रदर्शन की चेतावनी कल ही दी थी। करीब  दो बजे के आसपास छात्रों का समूह प्रशासनिक भवन पहुंचा। उन्होंने अंदर से तालाबंदी कर दी। कुछ छात्र कुलसचिव डॉ. साहब लाल मौर्य के कार्यालय में पहुंच गए। वे प्रवेश परीक्षा निरस्त करने का विरोध कर रहे थे। कुछ  छात्र पोर्टिको में बैठे गए। कर्मचारियों को अंदर नहीं जाने दे रहे थे। प्रॉक्टर प्रो. चतुर्भुजनाथ तिवारी समेत प्रॉक्टोरियल बोर्ड के अन्य सदस्य  वहां पहुंचे। उन्होंने छात्रों को समझाने की कोशिश की। छात्र अपनी मांग पर अड़े हुए थे।

उन्होंने प्रवेश परीक्षा निरस्त करने का फैसला वापस लेने की मांग की। छात्रों का हंगामा बढ़ता देख पुलिस बुला ली गई। काफी देर तक वार्ता चली। अंत में यह तय हुआ कि पूरे मामले को परीक्षा समिति के समक्ष रखा जाएगा।  इसमें प्रवेश समिति के निर्णय पर विचार होगा। इसके बाद देर शाम छात्रों ने अपना धरना समाप्त कर दिया। 

विधि के दाखिले में फंस गया पेच
छात्रों के दो गुटों में बंट जाने से विधि प्रवेश परीक्षा को लेकर पेच फंस गया है।  अब विधि की काउंसिलिंग जल्द होने के आसार नहीं है। दोनों गुटों में सहमति बनाने में विश्वविद्यालय को काफी मशक्कत करनी पड़ेगी। 

सेमेस्टर परीक्षा में भी आती है दिक्कत
विधि की सेमेस्टर परीक्षा कराने में भी विश्वविद्यालय प्रशासन को समस्या का सामना करना पड़ता है। कई  महाविद्यालय परीक्षा केंद्र बनने को तैयार नहीं होते हैं। पिछली बार मिर्जापुर और वाराणसी के  परीक्षा केंद्रो पर जमकर हंगामा हुआ था।  मिर्जापुर की परीक्षा काशी विद्यापीठ में करानी पड़ी। 

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  • Web Title:Kashi Vidyapeeth throat lace law admission exam now opposed to abrogation