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जूना अखाड़ा के नागा 22 को करेंगे काशी प्रवेश

प्रयाग कुंभ में कल्पवास कर रहे जूना अखाड़ा के नागा साधु 22 फरवरी को काशी प्रवेश करेंगे। सोमवार को प्रयाग में अखाड़े के संतों-महंतों की उपस्थिति में काशी के पंचांगों के अनुसार विचार विमर्श के बाद शुभ मुहूर्त निकाला गया।

पंचदशनाम जूना अखाड़ा, हनुमान घाट के महंत विद्यानंद सरस्वती के अनुसार शाही जुलूस की तारीख काशी प्रवेश के उपरांत तय होगी। उन्होंने बताया कि पिछली बार कुंभ के बाद काशी में जिला प्रशासन ने हमारी कोई सहायता नहीं की थी। अबकी उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा। वैसे हम अपनी ओर से सारी व्यवस्था करेंगे।

उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि के दिन बाबा विश्वनाथ के मंदिर में सामान्य दर्शनार्थियों की भीड़ ही बहुत अधिक होती है। ऐसे में नागा साधुओं के लिए दर्शन-पूजन के समय का निर्धारण हमारी परंपराओं के अनुसार ही जिला प्रशासन को करना होगा। हम नहीं चाहते कि साधुओं के दर्शन-पूजन के कारण गृहस्थों के दर्शन-पूजन में कोई बाधा पड़े। उसी दिन हम देवाधिदेव महादेव का भस्माभिषेक भी करेंगे।

शैव अखाड़ों के साधु आते हैं काशी

कुंभ के बाद सिर्फ शैव अखाड़ों के नागा साधु ही काशी आते हैं। इनमें जूना अखाड़ा, निरंजनी अखाड़ा, अटल अखाड़ा, आनंद अखाड़ा, महानिर्वाणी अखाड़ा, अग्नि अखाड़ा, दिगंबर और आवाहन अखाड़ा हैं। इनमें से निरंजनी, महानिर्वाणी और आवाहन अखाड़ा के संतों का काशी आगमन पहले ही शुरू हो चुका है।

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  • Web Title:Kashi enters Naga 22 of Juna Akhara