जंग की तपिश : आसमान में फटती मिसाइलों ने समझाई जिंदगी की कीमत
Varanasi News - वाराणसी के शोधार्थी धीरज चौहान, जो इजरायल में पीएचडी कर रहे हैं, ने बताया कि युद्ध के दौरान मिसाइल इंटरसेप्ट होने पर आम लोगों को बंकर में जाने का प्रशिक्षण दिया जाता है। इजरायल में हर बार अलार्म सुनते ही लोग सुरक्षित स्थानों पर चले जाते हैं। उन्होंने कहा कि इंटरसेप्ट होने के बावजूद, इजरायल में जीवन सामान्य बना हुआ है।

वाराणसी। आपके सिर के ऊपर जब कोई मिसाइल इंटरसेप्ट होती है या सुबह लैब जाते समय आप आसपास कुछ तबाही का मंजर देखते हैं, तब समझ आता है कि जिंदगी कितनी अनमोल है। इजरायल से छुट्टी पर बनारस आए शोधार्थी धीरज चौहान ने ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत में आपबीती साझा की। धीरज इजरायल की राजधानी स्थित तेल अवीव यूनिवर्सिटी में पीएचडी कर रहे हैं।बीएचयू के जंतु विज्ञान विभाग से प्राचीन डीएनए पर प्रशिक्षण लेने के साथ ही कई शोध परियोजनाओं में काम कर चुके धीरज चंडीगढ़ के मूल निवासी हैं। आयशर चंडीगढ़ से उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद धीरज इजरायल में शोध के लिए पहुंचे हैं।
28 फरवरी से शुरू हुए ईरान-इजरायल संघर्ष के बारे में उन्होंने बताया कि इजरायल में विभिन्न मौकों पर आम लोगों को भी बचने और सहायता का प्रशिक्षण दिया जाता है। इजरायल का एडवांस मिसाइल डिटेक्शन सिस्टम पहले ही अलर्ट दे देता है। सड़कों पर अंडरग्राउंड बंकर और बहुमंजिला इमारतों में हर तल पर कंक्रीट शेल्टर बनाए गए हैं। आम लोगों को अलार्म सुनते ही बस अपना काम छोड़कर इन बंकर या शेल्टर में चले जाना है। 10 से 15 मिनट में दुश्मन की मिसाइल इंटरसेप्ट होने के बाद सभी अपने काम पर लौट आते हैं। धीरज ने कहा कि इंटरसेप्ट होती मिसाइलों के बीच इजरायल में सबकुछ सामान्य है। यह वहां का न्यू नॉर्मल है। खतरा शहरी इलाकों की तरफ ज्यादा है, गांवों में जीवन अब भी पहले की तरह सामान्य है।जब पड़ोस में गिरे मिसाइल के टुकड़ेशोधार्थी धीरज चौहान ने बताया कि 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत के बाद हर दिन लगभग पांच से छह बार शेल्टर की तरफ भागना पड़ता था। बाद के दिनों में यह घटकर दिन में एक या दो बार हो गया। एक मौका ऐसा भी आया जब इंटरसेप्ट हुई मिसाइल के टुकड़े उनके कैपस के आसपास आकर गिरे। हालांकि उस वक्त वहां कोई मौजूद नहीं था। बताया कि इजरायल की सहायक सेवाएं भी काफी तेज हैं। युद्ध के कचरे की सफाई और नुकसान की मरम्मत कुछ ही घंटों में पूरी हो जाती है।
लेखक के बारे में
Abhishek Tripathiशॉर्ट बायो : अभिषेक त्रिपाठी पिछले 19 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है। वर्तमान में ‘हिन्दुस्तान’ के साथ वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर जुड़े हैं। वाराणसी संस्करण के लिए वह शिक्षा जगत और राजनीतिक दल में कांग्रेस बीट कवर करते हैं।
परिचय एवं अनुभव
अभिषेक त्रिपाठी वाराणसी में इससे पहले भी विभिन्न पदों पर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर चुके हैं। शिक्षा और राजनीतिक बीट के रिपोर्टर के तौर पर 2021 से इन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई है। लगभग पांच वर्ष से इस भूमिका में इन्होंने विशिष्ट अभियान, असर और ऑफबीट खबरें भी शामिल हैं।
करियर का सफर (प्रिंट से डिजिटल)
अभिषेक ने अपने करियर की शुरुआत 2007 में अमर उजाला जैसे प्रमुख अखबार से की। यहां पहले डेस्क और फिर रिपोर्टिंग में काम किया। रिपोर्टिंग में मेडिकल, रेलवे और अपराध जैसी बीट पर कााम किया। यहां से 2011 में हिन्दुस्तान वाराणसी की सेवाएं शुरू की। अगले छह वर्ष तक प्रशासन और क्राइम रिपोर्टिंग में कई प्रतिमान स्थापित किए। 2016 में दैनिक भास्कर भोपाल से जुड़े और यहां लोकल रिपोर्टिंग से इतर डिजिटल और देश-दुनिया की खबरों की समझ विकसित की। 2020 तक दैनिक जागरण के अलावा विभिन्न डिजिटल और प्रिंट माध्यमों से जुड़े रहने के बाद 2021 में दोबारा हिन्दुस्तान वाराणसी में शिक्षा बीट पर वरिष्ठ संवाददाता के तौर पर काम शुरू किया।
शैक्षणिक पृष्ठभूमि और रिपोर्टिंग
12वीं तक विज्ञान, इसके बाद राजनीति विज्ञान में स्नातक और पत्रकारिता में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री ने अभिषेक को जीवन की सभी धाराओं का अनुभव दिया। इसका असर पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों में रिपोर्टिंग, लेखन और प्रस्तुतिकरण पर दिखा। अभिषेक राजनीतिक, सांस्कृतिक और मानवीय एंगल वाली खबरों के लेखन में सिद्धहस्त हैं। प्रशासन और अपराध जगत की खबरों पर भी इनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। वाराणसी की भौगोलिक समझ और बड़ा सामाजिक दायरा भी इनकी रिपोर्टिंग में काफी मददगार साबित होता रहा है। 2013 से राजनीतिक, प्रशासनिक और विकास के मोर्चे पर बदलते बनारस के हर पहलू को इन्होंने गहराई से समझा और प्रस्तुत किया है। संप्रति शिक्षा जगत में प्री-प्राइमरी से लेकर आईआईटी की तकनीकी दक्षता वाली खबरों को भी लिख सकने में यह सक्षम रिपोर्टर हैं।
एंटरटेनमेंट और विजन
अभिषेक फिल्म, ट्रेंड्स, यूथ और लाइफस्टाइल विषयों पर भी बेहतरीन पकड़ रखते हैं। सेलिब्रिटी एक्सक्लूसिव इंटरव्यू के लिए भी वह प्रसिद्ध हैं। बीते वर्षों में अपने अखबार के लिए इन्होंने कई विशेष कवरेज, इंटरव्यू, सीरीज प्लान किए हैं। अभिषेक का मानना है कि पत्रकारिता में विश्वसनीयता और नयापन जरूरी है। इसके साथ ही खबरों का लेखन और प्रस्तुतीकरण सर्वाधिक महत्वपूर्ण है। मुद्दों की समझ और उनकी सटीक प्रस्तुति पाठक को समाचार पर ठहरने और बाद में उसकी चर्चा करने पर विवश करती है।
विशेषज्ञता
प्रशासनिक और राजनीतिक कवरेज
अपराध और मानवीय एंगल के समाचारों में सिद्धहस्तता
फिल्म स्टार, साहित्यकार और राजनीतिज्ञों के विशेष साक्षात्कार
शिक्षा, धर्म संस्कृति और ऑफबीट खबरें
डेस्क पर खबरों का संपादन और पेजमेकिंग
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