फिजूलखर्ची और बेवजह के रस्म-रिवाजों का इस्लाम से कोई ताल्लुक नहीं
Varanasi News - वाराणसी में दारुल उलूम देवबंद के वाइस चांसलर मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि शादी में फिजूलखर्ची इस्लाम से नहीं जुड़ी है। उन्होंने माता-पिता को बच्चों के नैतिक मूल्यों पर ध्यान देने की सलाह दी। मौलाना सलमान बिजनौरी ने बेहतर टेक्निकल शिक्षा के महत्व पर जोर दिया।

वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। दारुल उलूम देवबंद के वाइस चांसलर मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि शादी-विवाह में बिना वजह के रस्म-रिवाज और फिजूलखर्ची का इस्लाम से कोई संबंध नहीं है। पुराना पुल स्थित बड़ी ईदगाह में दो दिवसीय सीरत कॉन्फ्रेंस का शनिवार को समापन हुआ। अबुल कासिम नोमानी ने कहा कि पैगंबर के बताए रास्ते से दूरी और गलत परंपराओं का पालन एक अच्छे समाज के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा है। उन्होंने माता-पिता को अपने बच्चों के नैतिक मूल्यों और चरित्र पर विशेष ध्यान देने की नसीहत दी और कहा कि आज के दौर में बच्चों को गुमराह करने की कई कोशिशें हो रही हैं।
दारुल उलूम देवबंद के मौलाना सलमान बिजनौरी ने कहा कि मुसलमानों को अपने बच्चों को बेहतर टेक्निकल शिक्षा दिलाने के साथ उनकी धार्मिक बुनियाद भी मजबूत करनी चाहिए। मुफ्ती वसीम अहमद और दारुल उलूम देवबंद के मुफ्ती सलमान मंसूरपुरी ने भी विचार रखे। हाफिज उबैदुल्लाह ने सभी का आभार व्यक्त किया।
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