संघर्षों को सहयोग में बदलने के लिए संवाद आवश्यक : कुलपति
Varanasi News - वाराणसी के बीएचयू में 'वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में शांति शिक्षण' पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का उद्घाटन हुआ। इस संगोष्ठी में विद्वानों, शोधकर्ताओं और विशेषज्ञों ने भाग लिया। कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने शांति संवाद की आवश्यकता और सहानुभूति को बढ़ावा देने की बात की।

वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू के मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र में सोमवार को ‘वैश्विक अनिश्चितताओं के दौर में शांति शिक्षण’ विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी का शुभारंभ हुआ। मालवीय सेंटर फॉर पीस रिसर्च द्वारा यूनेस्को चेयर फॉर पीस एंड इंटरकल्चरल अंडरस्टैंडिंग के अंतर्गत आयोजित इस संगोष्ठी में देश-विदेश के विद्वान, शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं। मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. अजित कुमार चतुर्वेदी ने शांति पर सतत संवाद की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि संघर्षों को सहयोग में बदलने के लिए सहानुभूति और संवाद को बढ़ावा देना आवश्यक है। यूनेस्को चेयर फॉर पीस बीएचयू के प्रो. प्रियंकर उपाध्याय ने विश्व में शांति के सामने बढ़ते खतरों पर चिंता व्यक्त की।
मुख्य वक्ता उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रो. समीर कुमार दास रहे। स्वागत मालवीय सेंटर फॉर पीस रिसर्च के समन्वयक प्रो. मनोज कुमार मिश्रा ने किया।
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