बौद्ध विरासतों पर संवाद करेंगे दुनियाभर के विद्वान
Varanasi News - बीएचयू के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में 10 से 12 मार्च 2026 तक 'दक्षिण एशिया में बौद्ध धर्म' पर एक अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में विद्वान और शोधार्थी बौद्ध धर्म के उद्भव, प्रसार और सांस्कृतिक प्रभावों पर चर्चा करेंगे।

वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू के प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग में बौद्ध विरासतों पर अकादमिक संवाद के लिए दुनियाभर के विद्वान जुटेंगे। 10 से 12 मार्च 2026 तक ‘दक्षिण एशिया में बौद्ध धर्म: विस्तार, पुरातत्व, कला एवं स्थापत्य और सांस्कृतिक प्रभाव’ विषय पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन विश्वविद्यालय के शताब्दी समारोह के अंतर्गत किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य दक्षिण एशिया में बौद्ध धर्म के उद्भव, प्रसार और उसके सांस्कृतिक प्रभावों पर व्यापक विमर्श को प्रोत्साहित करना है। इसमें देश-विदेश के विद्वान, शोधार्थी और सांस्कृतिक अध्येता भाग लेकर अपने शोधपत्र प्रस्तुत करेंगे। आयोजन समिति के अनुसार दुनिया के कई देशों से शोधार्थियों ने अपने शोध सार भेजे हैं।
सम्मेलन में बौद्ध धर्म के दक्षिण एशिया में प्रसार, क्षेत्रीय अनुकूलन, पुरातात्विक साक्ष्य, बौद्ध कला एवं प्रतीक-विज्ञान, स्थापत्य और पवित्र स्थलों, समाज पर प्रभाव, दार्शनिक विकास तथा पालि साहित्य की परंपरा जैसे विषयों पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रम के संयोजक विभागाध्यक्ष प्रो. महेश प्रसाद अहीरवार (विभागाध्यक्ष) और सह-संयोजक प्रो. सुजाता गौतम हैं।
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