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छाईं भारतीय फिल्में, पांच को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार

आयुक्त सभागार में चल रहे छठे अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव का रविवार शाम समापन हो गया। इस दौरान 24 शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। जूरी चीफ मशहूर...

आयुक्त सभागार में चल रहे छठे अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव का रविवार शाम समापन हो गया। इस दौरान 24 शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। जूरी चीफ मशहूर...
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आयुक्त सभागार में चल रहे छठे अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव का रविवार शाम समापन हो गया। इस दौरान 24 शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। जूरी चीफ मशहूर...
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हिन्दुस्तान टीम,वाराणसीMon, 04 Dec 2023 02:15 AM
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वाराणसी, संवाददाता।
आयुक्त सभागार में चल रहे छठे अंतरराष्ट्रीय लघु फिल्म महोत्सव का रविवार शाम समापन हो गया। इस दौरान 24 शॉर्ट फिल्मों का प्रदर्शन हुआ। जूरी चीफ मशहूर अभिनेत्री देबाश्री रॉय की अगुवाई वाली टीम ने विभिन्न श्रेणियों में सर्वश्रेष्ठ पुरस्कारों के लिए फिल्मों का चयन किया।

प्रयागराज के कुम्भ मेले की धार्मिक मान्यता, सांस्कृतिक व ऐतिहासिक महत्व पर आधारित भारतीय डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘अमृत मंथन को सर्वश्रेष्ठ फिल्म का अंतरराष्ट्रीय आईएफएफसी पुरस्कार दिया गया। वहीं, मां दुर्गा और नवरात्रि के महत्व को दर्शाती भारतीय फिल्म ‘इंडियाज ग्रैंड फेस्टिवल दुर्गापूजा को सर्वश्रेष्ठ राष्ट्रीय पुरस्कार मिला।

दुबई के पर्यटन-संस्कृति व व्यवसाय पर आधारित सर्वश्रेष्ठ फिल्म ईरान की ‘दुबई-द मिडिल ईस्ट बीटिंग हार्ट रही। संस्कृति पर सर्वश्रेष्ठ फिल्म भारत की मुखो शिल्पो: द मास्क मेकिंग ट्रेडिशन ऑफ माजुली रही। यह डॉक्यूमेंट्री 16वीं सदी के सुधारक और दार्शनिक महापुरुष श्रीमंत शंकरदेव के प्राचीन शिल्प कौशल को सामने लाती है।

वहीं, उत्तर प्रदेश पर आधारित फिल्म श्रेणी में स्पेन की ‘वाराणसी रोड ने बाजी मारी। यह एक विदेशी युवक के आत्मबोध होने की कहानी पर आधारित है। आईएफएफसी एनीमेशन की सर्वश्रेष्ठ फिल्म का पुरस्कार भारत की ‘कुमारतुली और ‘अंगोला की एडवेंचर्स ऑफ प्रिंसेस मिराबिलिस ने संयुक्त रूप से जीता। कुमारतुली मिट्टी का बर्तन बनाने वाले कारीगरों की व्यथा को उकेरती है। वहीं, अंगोला की फिल्म ने वहां के इतिहास, संस्कृति, पर्यटक स्थलों, आदतों, रीति-रिवाजों और नस्लीय, जातीय विद्रूपता को दिखाया।

आईएफएफसी जूरी पुरस्कार भारत की ‘डिसर्निंग इंडिया: यक्षगान को दिया गया। यह नृत्य, संवाद और संगीत का मिश्रण है। यक्षगान एक जीवंत और अद्वितीय पारम्परिक कला है जो कर्नाटक के तटीय जिलों और केरल के कासरगोड जिले में मिलती है। यह कला महाभारत और रामायण की कहानियों को दर्शाती है।

नीबिया खेड़ा ने जीता ‘यूपी चैलेंज

छठे फिल्म फेस्टिवल के पुरस्कार इस बार दो नई श्रेणियों में दिए गए। पहली कैटेगरी यूपी फिल्म चैलेंज में ‘नीबिया खेड़ा फिल्म को सर्वश्रेष्ठ पुरस्कार मिला। यह फिल्म महज दस दिन में यूपी के नीबिया खेड़ा के प्राचीन मंदिर की स्थापत्य कला व इतिहास पर बनाई गई है।

दिग्गजों ने बढ़ाई समारोह की शोभा

विशिष्ट अतिथि ‘भाभीजी घर पर हैं फेम अभिनेत्री सौम्या टंडन रहीं। इस मौके पर इंडियन इन्फोटेन्मेंट मीडिया कार्पोरेशन के चेयरमैन देवेन्द्र खंडेलवाल, अभिनेता सुधीर पांडेय, अभिनेत्री मधुरिमा तुली, निर्देशक विनोद गनात्रा, ब्यूरोक्रेट अशोक बर्मन, सहायक निर्देशक आनंद मिश्रा आदि मौजूद रहे।

भारतीय फिल्मों का रहा जलवा

भारत की एक्सप्लोरिंग द ग्रेट इंडियन लेगसी, कैनवॉस, ग्लेयर ऑफ हैंडलूम, कुमारतुली, द ग्रैंडमा माइंड, हम्पी-ए यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज व अरिथारम-फेसियल मेकओवर, चीन की जर्नी फॉर विजन, कोलम्बिया की एम्बुलेंसिया, सर्बिया की सी ओह सी, नेपाल की कॉर्न मैरिज, अर्मीनिया की लेज परी, ईरान की मुलबेर्री, दुबई द मिडिल ईस्ट बीटिंग हर्ट व केशम आईलैंड यूनेस्को ग्लोबल जियोपार्क, वेनेजुएला की रीबाउंड इन सेन जोस, अंगोला की द एडवेंचर्स ऑफ प्रिंसेस मिराबिलिस, स्पेन की लिचेन व डोमिंगो ट्यूटोरियल्स, जर्मनी की टू स्माइल ऑर नॉट टू स्माइल, चिली की पचमामा, ब्राजील की मार्केट एड्रिफ्ट, ट्यूनीशिया की समीना और सीरियन अरब रिपब्लिक की लाइट एंड डस्ट फिल्मों का जलवा रहा।

कौशल बढ़ाएं, सफलता जरूर मिलेगी : मधुरिमा

बिग बॉस, ‘जब वी मेट फेम अभिनेत्री मधुरिमा तुली ने ‘हिन्दुस्तान से बातचीत में कहा कि समय की मांग के साथ कलाकारों को कौशल विकसित करना चाहिए अन्यथा सफलता मिलने में संदेह रहेगा। मॉडल से अभिनेत्री बनीं मधुरिमा ने कहा कि दर्शकों की बदलती रूचि के हिसाब से फिल्म, टीवी सीरियल व वेब सिरीज बनाने से मार्केट में उनकी डिमांड रहेगी।

सिर्फ फेमस होने के लिए युवा फिल्मों में न आएं : सौम्या

‘भाभीजी घर पर हैं धारावाहिक से चर्चा में आईं अभिनेत्री सौम्या टंडन का कहना है कि सिर्फ फेमस होने के लिए युवा फिल्म जगत में न आएं। यहां काफी स्ट्रगल है। अपने रास्ते खुद बनाने पड़ते हैं। इसके लिए पैशन जरूरी है। अब तक 14 से ज्यादा शो होस्ट कर चुकीं सौम्या ने युवाओं को समर्पित भाव से लक्ष्य आधारित काम करने की सीख दी। बताया कि उनकी आने वाली फिल्म ‘इंडिपिंडेंट में देशप्रेम व युवा सोच का संगम दिखेगा।

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