
मोजाम्बिक भेजा गया बरेका में बना छठा लोको
Varanasi News - वाराणसी के बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने मोजाम्बिक को 3300 हॉर्स पावर का छठा लोकोमोटिव भेजकर भारत की निर्माण क्षमता को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित किया है। बरेका ने 2014 से अब तक श्रीलंका, म्यांमार और मोज़ाम्बिक को कई लोकोमोटिव निर्यात किए हैं।
वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने एक बार फिर लोकोमोटिव निर्माण के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया है। बरेका में निर्मित स्वदेशी 3300 हॉर्स पावर एसी डीजल-इलेक्ट्रिक छठा लोको सोमवार को मोजाम्बिक रवाना किया गया। बरेका को मोजाम्बिक से 10 इंजनों के निर्माण का जिम्मा मिला था। इनमें दो लोकोमोटिव जून, तीसरा सितम्बर, चौथा अक्तूबर और पांचवां लोको 12 दिसम्बर को भेजा गया था। इसके बाद सोमवार को छठां इंजन भी मोजाम्बिक भेजा गया। जनसम्पर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि यह निर्यात वैश्विक मंच पर लोकोमोटिव निर्माण में भारत की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है।

बरेका द्वारा निर्मित ये अत्याधुनिक 3300 हॉर्स पावर केप गेज (1067 मिमी) लोकोमोटिव 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से चलने में सक्षम हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप चालक अनुकूल सुविधाएं जैसे रेफ्रिजरेटर, हॉट प्लेट, मोबाइल होल्डर तथा आधुनिक केबिन डिजाइन उपलब्ध हैं, जो चालक सुविधा और परिचालन दक्षता को और अधिक बेहतर बनाते हैं। बरेका अब लोकोमोटिव निर्माण के एक प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में उभर रहा है। स्वदेशी डिजाइन और उन्नत रेलवे प्रौद्योगिकी के निर्माण में अपनी विशेषज्ञता के बल पर बरेका वैश्विक रेलवे बाजार में भारत की उपस्थिति को सशक्त बना रहा है। वर्ष 2014 से अब तक बरेका श्रीलंका, म्यांमार और मोज़ाम्बिक जैसे देशों को लोकोमोटिव निर्यात कर चुका है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




