भारत-नेपाल सांस्कृतिक निकटता को किया सुदृढ़
Varanasi News - वाराणसी में दुर्गाकुंड स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मृति सेवा ट्रस्ट सभागार में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय साहित्य सांस्कृतिक मैत्री सम्मेलन आयोजित किया गया। कवियों ने रचनाओं के माध्यम से दोनों देशों के बीच मित्रता को बढ़ावा दिया। कार्यक्रम में अदिति अस्थाना के उपन्यास ‘उड़ान हौसलों की’ का विमोचन भी हुआ।

वाराणसी, हिटी। दुर्गाकुंड स्थित हनुमान प्रसाद पोद्दार स्मृति सेवा ट्रस्ट सभागार में शनिवार को भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय साहित्य सांस्कृतिक मैत्री सम्मेलन हुआ। कवियों ने रचनाओं के जरिए दोनों देशों के बीच मैत्री माहौल बनाया। साथ ही दोनों देशों की सांस्कृतिक निकटता को भी सुदृढ़ करने का प्रयास हुआ। प्रगति विचार एवं साहित्य मंच बुलंदशहर के डॉ. हरेंद्र हर्ष के संयोजन में आयोजित सम्मेलन में दिल्ली की सुप्रसिद्ध कवयित्री अदिति अस्थाना के उपन्यास ‘उड़ान हौसलों की’ का विमोचन किया गया। नेपाल से भी कवि पहुंचे थे। कार्यक्रम में भोपाल से सुरेश सोनपुरे अजनबी, ऋषि कुमार शर्मा च्यवन, कमलेश शर्मा कमल, डॉ. रजनी सिंह, गीता पांडेय, कुमुद किशोर भारती, डॉ. प्रियंका श्रीवास्तव, श्याम कौशिक, डॉ. उमाकांत महापात्र आदि भी रहे।
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