बोले काशी : मिट्टी की कटान कहीं मिटा न दे नामोनिशान
Varanasi News - वाराणसी के रामनगर के कोदोपुर में गंगा किनारे सिपहिया घाट पर अवैध मिट्टी खनन की समस्या बढ़ रही है। स्थानीय निवासी चिंता में हैं कि इससे भविष्य में गंगा की बाढ़ से भारी तबाही हो सकती है। नाले का अधूरा निर्माण और सीवर लाइन की कमी भी समस्याएं पैदा कर रही हैं।
वाराणसी। रामनगर के कोदोपुर में गंगा किनारे सिपहिया घाट पर मिट्टी का अवैध और बेखौफ खनन स्थानीय बाशिंदों के लिए गंभीर तनाव की वजह बनता जा रहा है। इसलिए कि भविष्य में गंगा की बाढ़ कहीं भारी तबाही न रच दे। अब तक मिट्टी का प्राकृतिक अवरोध धारा को उग्र नहीं होने देता, पानी चौखटों तक मंडराता है, खतरा नहीं बनता। दो वर्षों से अधूरा पड़ा नाला निर्माण, सीवर लाइन, पानी की टंकी और पक्के रास्ते का अभाव भी तनाव दे रहा है। नगर निगम के पुराना रामनगर वार्ड का हिस्सा कोदोपुर मोहल्ला गंगा तट पर बसा है। लगभग आधा इलाका बाढ़ का डूब क्षेत्र माना जाता है, क्योंकि प्राय: हर साल गंगा की बाढ़ एक सैकड़ा से अधिक घरों की चौखट तक पहुंच जाती है।
यहां के बाशिंदे वर्षों से बाढ़ के अभ्यस्त हैं, मगर अब उनमें तनाव दिख रहा है। वजह, कोदोपुर के सिपहिया घाट पर मिट्टी का अवैध खनन। पिछले लगभग साल भर से बेरोकटोक चल रहे खनन के चलते सिपहिया घाट क पास लगभग एक एकड़ एरिया में हाथी के डुबान तक गहराई हो गई है। ‘हिन्दुस्तान’ से बातचीत शुरू करने से पहले बाशिंदों ने दबे पांव आबादी की ओर बढ़ रहे गंभीर संकट से रुबरू कराया। उस वक्त भी मिट्टी लदीं दो ट्रैक्टर ट्रालियां जाती दिखीं। धर्मेन्द्र यादव और राहुल सिंह आदि ने बताया कि 24 घंटे में मिट्टी लादे लगभग 500 ट्रैक्टर ट्रालियां पास हो रही हैं। तट पर मिट्टी का प्राकृतिक अवरोध नहीं बचेगा तो फिर बाढ़ में पानी का दायरा तो बढ़ेगा ही, क्षति भी अधिक होगी। जितेन्द्र यादव, अमित राय ने वन विभाग की चुंगी से अवधेश दीक्षित के मकान तक नाले की अधूरे निर्माण की ओर ध्यान दिलाया। बोले, किस वजह से नाला अधूरा बना और उसकी शेष राशि का कहां उपयोग हुआ, इसकी किसी को जानकारी नहीं है। फिर, इससे आधे से अधिक मोहल्ले में नवनिर्मित लगभग तीन सौ मकानों के सामने जलनिकासी की गंभीर समस्या रहती है। सीवर लाइन भी इस क्षेत्र में अब तक नहीं बिछी है। बृजेश सिंह, डॉ. शिवकुमार खरवार ने गलियों में पक्की सड़क न होने से रोजमर्रा की दिक्कतों का जिक्र करते हुए कहा कि असमतल गली में सामान्य दिनों में भी आवागमन मुश्किल है। रात के वक्त खुद के रिस्क पर निकलना पड़ता है, क्योंकि कई गलियों में स्ट्रीट लाइटें नहीं लगी हैं। आरती देवी, ऋतुराज मिश्रा ने बताया कि कई मकानों के बीच पांच फीट चौड़ा कच्चा रास्ता भी नहीं है। सेना के पूर्व सूबेदार प्रेमचंद ठाकुर ने बताया कि यहां की एक गंभीर समस्या सीवर लाइन के अभाव की है। दिखाया कि कई प्लॉटों में घरों का गंदा पानी सड़ रहा है, मेन गली में दिन-रात पानी जमा रहता है। अमित राय ने बताया कि कुछ साल पहले पीडब्ल्यूडी ने एक नाला बनवाना शुरू किया मगर निर्माण अधूरा छोड़ दिया। दबे पांव आ रहा संकट: कोदोपुर के बाशिंदों का यह सवाल गौरतलब है कि गंगा किनारे से हर रोज पांच सौ ट्रैक्टर ट्रॉलियां मिट्टी लादकर किला रोड, पीएसी छावनी मोड़ से होते हुए निकलें और पुलिस बेखबर रहे, यह विश्वास करने लायक बात है? उनके मुताबिक हर तरह से प्रभावी और रसूखदारों के संरक्षण प्राप्त दबंग अवैध खनन करा रहे हैं। रामनगर पुलिस को बखूबी जानकारी है। उनमें एक के खिलाफ पिछले दिनों सामने घाट पर मारपीट का ताजा मुकदमा दर्ज हुआ है। उनके प्रभाव को देखते हुए कोई मुंह नहीं खोल रहा मगर दबी जुबान यह बताने से नहीं चूकते कि एक बड़ा संकट दबे पांव आबादी की ओर बढ़ रहा है। बोले जिम्मेदार गंगापार रामनगर क्षेत्र को कटान से बचाने के लिए एनएचएआई सिक्सलेन सड़क की कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इससे बड़ी आबादी को बाढ़ से बचाने में काफी मदद मिलेगी। अवैध खनन की भी जांच कराई जाएगी। - सत्येंद्र कुमार, जिलाधिकारी कुछ लोगों द्वारा पिछले कई महीनों से बड़े पैमाने पर मिट्टी खनन किया जा रहा है। हमने मना किया किन्तु नहीं माने। सेना का एक जवान एक खनन करने वाले को पकड़कर थाने पर ले गया जिसे पुलिस ने छोड़ दिया। पुलिस की मिलीभगत से खनन हो रहा है। -रामकुमार यादव, पार्षद, पुराना रामनगर वार्ड संख्या 65 सुझाव 1. गंगा किनारे सिपहिया घाट पर मिट्टी के अवैध खनन पर तत्काल रोक लगे। संबंधितों पर कड़ी कार्रवाई के साथ जिम्मेदारों की जवाबदेही भी तय की जाए। 2. मोहल्ले में सीवर लाइन प्राथमिकता के आधार पर बिछाई जाए ताकि हर दिन के जलजमाव का तनाव दूर हो, मोहल्ला स्वच्छ दिखे। 3. वन विभाग की चुंगी से गंगा की ओर जाने वाली सड़क को अतिक्रमण मुक्त कराने के साथ उसका पक्का निर्माण कराया जाए ताकि आवागमन सुगम हो। स्ट्रीट लाइटें भी लगें। 4. कोदोपुर की नवविकसित कॉलोनी की गलियों में भी इंटरलॉकिंग सड़कों का निर्माण कराया जाए। 5. मोहल्ले में फॉगिंग के साथ दवाओं के छिड़काव एवं जगह-जगह डस्टबिन भी रखी जाएं। शिकायतें 1. गंगा किनारे मिट्टी के बेलगाम खनन से कोदोपुर की बड़ी आबादी भविष्य में बाढ़ के गंभीर खतरे को लेकर तनाव में है। 2. मोहल्ले में सीवर लाइन न होने से जहां-तहां के खाली प्लॉटों में गंदा पानी सड़ रहा है। इससे दुर्गंध भी फैलती है। लोग अक्सर असहज हो जाते हैं। 3. वन विभाग की चुंगी से गंगा की ओर जाने वाली सड़क के किनारे नाले का साल भर से अधूरा निर्माण छोड़ दिया गया है। इसमें धन के दुरुपयोग की आशंका है। 4. कोदोपुर की नवविकसित कॉलोनी की गलियों के रास्ते कच्चे और असमल हैं। इससे आवागमन में बहुत परेशानी हो रही है। 5. कई प्लॉटों में जमा पानी मच्छरों और बीमारियों का खतरा बढ़ा रहा है। लंबे समय से न फॉगिंग कराई गई है।

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