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27 फरवरी, 2020|12:17|IST

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विदेश में नौकरी के नाम पर मानव तस्करी!

शिकयतकर्ता अभिषेक और मनोज

विदेश में मोटे वेतन पर अधिकारी की नौकरी दिलाने के नाम पर शिवपुर क्षेत्र की निजी संस्था ने युवाओं से डेढ़ से दो लाख रुपये वसूले। वीजा और पासपोर्ट बनवाकर उन्हें मलेशिया भी भेज दिया गया। जब युवा मलेशिया पहुंचे तो उन्हें राइस मिल में बंधक बना लिया गया। जालसाजों के चंगुल से मुक्त होने के बाद यहां पहुंचे अभिषेक की शिकायत को विदेश मंत्रालय ने गंभीरता से लिया। अब मंत्रालय के निर्देश पर मामले की जांच की जा रही है। सोमवार को सीओ कैंट ने अभिषेक का बयान दर्ज किया। 

भभुआ (बिहार) के दुर्गावती क्षेत्र का अभिषेक 11वीं का छात्र था। विदेश मंत्रालय और पुलिस अफसरों से की गयी शिकायत में उसने बताया कि वर्ष 2014 में संस्था ने समाचार पत्र में विज्ञापन छपवाया था। उसमें मर्चेंट नेवी में 20 से 40 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पर नौकरी दिलाने की बात कही गई थी। उसने संस्था में आवेदन किया। इसके बाद उसकी ट्रेनिंग करायी गयी। वीजा और पासपोर्ट के नाम पर उससे एक लाख 93 हजार रुपये वसूले गये। इसके बाद उसे मलेशिया भेज दिया गया। मलेशिया पहुंचा तो वहां पहले से मौजूद कुछ लोग उसे राइस मिल ले गये। वहां उससे बोरे उठाने का काम दिया गया। विरोध करने पर बताया गया कि दो साल के एग्रीमेंट पर तुम्हें हमारे यहां काम करने के लिए भेजा गया है। उसे बंधक बनाकर रखा गया था और किसी से बात करने नहीं दिया जाता था। दो साल पूरा होने के बाद उसने इंडिया भेजने का अनुरोध किया तो मिल संचालक ने उससे 30 हजार रिंगित (50 हजार रुपये) मांगे। असमर्थता जताने पर तीन माह उससे फिर मजदूरी करायी गयी। इसके बाद उसे छोड़ा गया। वहां से लौटने के बाद उसने विदेश मंत्रालय में इसकी शिकायत की। विदेश मंत्रालय ने इसे मानव तस्करी का मामला मानते हुए यूपी के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर जांच कराने का निर्देश दिया। उधर, अभिषेक का कहना है कि मलेशिया में उसकी तरह अभी कई युवकों को बंधक बनाकर रखा गया है।

एक और शिकायतकर्ता पहुंचा
रायगढ़ (छत्तीसगढ़) के कोतरा रोड का राकेश कुमार भी अपना बयान दर्ज कराने सीओ कार्यालय पहुंचा। उसका आरोप है कि प्रशिक्षण के नाम पर उससे भी 1.70 लाख रुपये वसूले गये। धन देने में असमर्थता जताई तो उसका पासपोर्ट व वीजा भी बनवाने को कहा गया। उसने पासपोर्ट व वीजा बनवाकर संपर्क किया तो उसे भेजने से इनकार कर दिया गया। उसने इसकी शिकायत पुलिस अफसरों से की तो उसे मोबाइल पर धमकी दी जा रही हैं। जालसाजी में कुछ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। पुलिसवाले उनके और परिवारवालों के खिलाफ मुकदमें दर्ज कराकर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दे रहे हैं।

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  • Web Title: Human trafficking in the name of job abroad!