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वाराणसीहोम आइसोलेशन के मरीजों को भी ब्लैक फंगस

हिन्दुस्तान टीम,वाराणसीPublished By: Newswrap
Tue, 25 May 2021 03:12 AM
होम आइसोलेशन के मरीजों को भी ब्लैक फंगस

वाराणसी। कार्यालय संवाददाता

ब्लैक फंगस का संक्रमण होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना मरीजों में भी मिल रहा है। ऐसे मरीज बीएचयू और शहर के निजी हॉस्पिटल में आ रहे हैं। डॉक्टरों का मानना है कि होम आइसोलेशन में शुगर लेवल अधिक होने और स्टेरॉयड के प्रयोग से जिनकी इम्युनिटी कमजोर हुई है, वे ब्लैक फंगस की चपेट में आ रहे हैं।

बीएचयू में ब्लैक फंगस के अब तक 91 मरीज आ चुके हैं। बीएचएयू में बिहार और बलिया के दो नए केसों का उदाहरण है। बिहार के 55 वर्षीय व्यक्ति 27 अप्रैल को कोरोना संक्रमित होने के बाद होम आइसोलेशन में रहे। स्वस्थ हो गए। अब एक सप्ताह से सांस लेने में परेशानी होने पर परिवार के लोग उन्हें बीएचयू लेकर आए। यहां पर जांच में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई। उनका शुगर लेवल काफी बढ़ा हुआ था।

इसी तरह बलिया के 51 वर्षीय कोरोना पॉजिटिव भी होम आइसोलेशन में स्वस्थ हो गए। फिर उन्हें धुंधला दिखने की शिकायत हुई। मंडुवाडीह के एक अस्पताल में जांच में उनमें भी ब्लैक फंगस का संक्रमण मिला। उनका भी शुगर अधिक था।

बीएचयू में ईएनटी विभाग के डॉ. सुशील अग्रवाल बताते हैं कि संक्रमित होने के बाद शुगर शुगर लेवल पर ध्यान देना बहुत जरूरी है। साथ ही, डॉक्टरों की सलाह के बिना स्टेरॉयड का उपयोग इम्युनिटी कमजोर कर सकता है। इससे ब्लैक फंगस की संभावना बढ़ जाती है।

बीएचयू के नेत्र सर्जन प्रो. आरपी मौर्या ने बताया कि होम आइसोलेशन वाले मरीजों में भी ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। हालांकि इनकी संख्या अभी कम है। जो लोग होम आइसोलेशन में हैं, वे अपना शुगर लेवल जरूर चेक करते रहें।

वर्जन

होम आइसोलेशन में रहने वाले कोरोना संक्रमित मरीजों में ब्लैक फंगस की पुष्टि हुई है। हम लोगों के पास इस तरह के केस आए हैं।

डॉ. कुमार आशीष, न्यूरो सर्जन, गैलेक्सी हॉस्पिटल

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