ज्ञानवापी के अतिप्राचीन मामले में सुनवाई एक अप्रैल को
Varanasi News - वाराणसी में ज्ञानवापी मामले की सुनवाई 1 अप्रैल तक टल गई है। सुनवाई टलने का कारण पीठासीन न्यायिक अधिकारी का अवकाश है। सुन्नी वक्फ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए अग्रिम सुनवाई नहीं करने की अपील की है। मामले में कई प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई जारी है।

वाराणसी। ज्ञानवापी अतिप्राचीन मामले में शुक्रवार को सिविल जज (सीनियर डिवीजन फास्ट ट्रैक) शुभि अग्रवाल की कोर्ट में सुनवाई टल गई। अब यह एक अप्रैल को होगी। पीठासीन न्यायिक अधिकारी के अवकाश पर होने से सुनवाई टली।ज्ञानवापी के मूलवाद में प्रतिवादी सुन्नी वक्फ बोर्ड ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट के आदेश के हवाला देते हुए वाद की अग्रिम सुनवाई नहीं करने की अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ता अश्विनी उपाध्याय की याचिका पर वर्शिप एक्ट के तहत विवादित सभी मामलों में अग्रिम सुनवाई पर रोक लगाई। उधर, वाद मित्र विजय शंकर रस्तोगी ने दलील दी है कि सर्वोच्च न्यायालय ने मामले में कोई आदेश नहीं दिया।
हाईकोर्ट ने पहले ही मामले को छह महीने में निपटाने का आदेश दिया।गौरतलब है कि मूल वाद में ज्ञानवापी परिसर में नए मंदिर निर्माण और हिंदुओं को पूजा-पाठ का अधिकार देने से जुड़े 1991 में दायर मुकदमे में पक्षकार बनाए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र पर सुनवाई जारी है। उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के वकील तौहिद खान की ओर से पिछली सुनवाई पर दाखिल एक अन्य प्रार्थना पत्र, जिसमें ज्ञानवापी के सभी सुनवाई पर रोक लगाने की अपील की गई है, पर सुनवाई चल रही है।
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