
राम का करें यशगान, चले आएंगे हनुमान
Varanasi News - वाराणसी में मानस सम्मेलन के दौरान पं. उमाशंकर शर्मा ने कहा कि हनुमानजी को बुलाने का सरल उपाय प्रभु श्रीराम की महिमा का गान करना है। पं. ब्रजेश दीक्षित ने राम को मानवता के नायक बताया और पं. अंकित त्रिपाठी ने रामनाम को सर्वोत्तम मंत्र कहा। भक्तों ने रामायण के प्रसंग सुनकर भावुकता व्यक्त की।
वाराणसी, मुख्य संवाददाता। कलिकाल में हनुमानजी को बुलाने का सबसे सरल उपाय उनके आराध्य का यशगान करना है। जहां भी प्रभु श्रीराम की महिमा का बखान होता है, वहां हनुमानजी अवश्य उपस्थित रहते हैं। यह कहना है मानस मर्मज्ञ पं.उमाशंकर शर्मा का। बरेली से आए पं.शर्मा संकटमोचन मंदिर में हो रहे मानस सम्मेलन में शुक्रवार की शाम प्रवचन कर रहे थे। जबलपुर (मप्र) से आए पं.ब्रजेश दीक्षित ने कहा कि राम किसी खास वर्ग के नायक नहीं है वल्कि वे इस चराचर जगत के नायक हैं। अयोध्या का रामराज्य सिर्फ मानवता के प्रति समर्पित नहीं है बल्कि हृदय की सत्ता और धर्म की सत्यता है।

रामराज्य के मर्म में सत्य की रक्षा सबसे मुख्य है। वृंदावन के पं.अंकित त्रिपाठी ने कहा कि रामनाम से बढ़कर इस सृष्टि में कोई दूसरा मंत्र नहीं है। पं.नंदलाल उपाध्याय ने कहा कि जीवन में सत्संग और कुसंग का बहुत प्रभाव पड़ता है। पं.जितेंद्रमणि त्रिपाठी ने कहा कि माता सीता शांति की साक्षात प्रतिमूर्ति हैं। पं.पारसनाथ पांडेय, पं.हेमंत उपाध्याय, पं.चक्रधर चतुर्वेदी, संजय त्रिपाठी आदि ने भी विचार रखे। वनगमन की चौपाई सुन भावुक हुए भक्त संकटमोचन मंदिर में सुबह नवाह्न परायण के चौथे दिन श्रीराम चरित मानस के अयोध्या काण्ड के 116 दोहों का गान हुआ। पं.राघवेंद्र पांडेय के आचार्यत्व में 111 भूदेवों ने बालकाण्ड से अयोध्या काण्ड में प्रवेश किया। पारायण में भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की तैयारी से कैकेयी के कोपभवन, श्रीराम वनवास, केवट प्रसंग का गान हुआ। इसे सुन भक्त भावुक हो गए। व्यासपीठ का पूजन यजमान एड.प्रेमचंद्र मेहरा ने किया।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




