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बड़े सयाने निकले गोलू और छोटू, पड़ोसी के खाते से लाखों उड़ाये

हिन्दुस्तान टीम,वाराणसीNewswrap
Sat, 09 Jan 2021 10:10 PM
बड़े सयाने निकले गोलू और छोटू, पड़ोसी के खाते से लाखों उड़ाये

वाराणसी। कार्यालय संवाददाता

चोलापुर के खुटहां गांव निवासी दो सगे भाइयों ने पड़ोसी महाबीर बाबूनंदन जैसवार के बैंक खाते को खुद के पेटीएम एकाउंट से लिंक कर लिया और धीरे-धीरे करके तीन लाख 14 हजार रुपये उड़ा दिये। साइबर थाना सारनाथ की पुलिस ने दोनों भाइयों-अनिकेत कुमार उर्फ गोलू और अश्विनी कुमार उर्फ छोटू को दानगंज बाइपास के पास से गिरफ्तार कर लिया। धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर दोनों को जेल भेज दिया गया।

बुजुर्ग महाबीर के यूनियन बैंक की चोलापुर शाखा में दो खाते हैं। वह बैंक संबंधी कार्य के लिए गोलू और छोटू की मदद लेते थे। रुपये जमा करने या निकालने वह छोटू को लेकर बैंक जाते थे। बैंक संबंधी काम के लिए कहीं बात करने के लिए वह अपना फोन भी उसे दे देते थे। अश्विनी उर्फ छोटू ने पुलिस को बताया कि बड़े भाई अनिकेत के कहने पर उसने महाबीर के बैंक खाता, एटीएम कार्ड के नंबर और कोड आदि की जानकारी चोरी-छिपे ले लिया। फिर खुद के मोबाइल नंबर पर बनाये पेटीएम एकाउंट से दोनों खातों को लिंक कर दिया। जब कभी बुजुर्ग अश्विनी या अनिकेत को लेकर बैंक जाते, दोनों अपने पेटीएम एकाउंट में रुपये स्थानांतरित कर लेते थे। रुपये स्थानांतरित करने के लिए ओटीपी की जरूरत पड़ती थी तो बहाने से बुजुर्ग का मोबाइल फोन ले लेते थे। इस तरह कई बार में तीन लाख 14 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिये। उन्होंने घर के निकट ईंट भट्ठे पर चौकीदारी करने वाले अर्जुन के पेटीएम खाते से भी बुजुर्ग का खाता लिंक कर दिया था लेकिन उससे रुपये नहीं निकाले गये थे।

पेटीएम एकाउंट के जरिये पकड़े गये

महाबीर ने बीते वर्ष 19 अक्तूबर को साइबर थाने में खाते से रुपये ट्रांसफर होने का मुकदमा दर्ज कराया था। उपनिरीक्षक सुनील कुमार यादव ने बताया कि विवेचना के क्रम में बैंक खाते से हुए ट्रांजेक्शन की जानकारी ली गई। पेटीएम के प्रतिनिधियों से यूजर की जानकारी निकलवाई गई। उसमें अश्विनी का नाम सामने आया। अश्विनी से पता चला कि उसने अपने भाई के कहने पर जालसाजी शुरू की। दोनों के पास से छह एटीएम कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। अश्विनी के पेटीएम के खाते को फ्रीज करा दिया गया है। उस खाते में 91290 रुपये हैं।

बीमा कंपनी का एजेंट, दूसरा करता है कंप्यूटर की पढ़ाई

अनिकेत एक बीमा कंपनी का एजेंट है और शहर में पढ़ाई करता है जबकि उसका दूसरा भाई अनिकेत कंप्यूटर का कोर्स कर रहा है। दोनों ने बताया कि अपने शौक पूरे करने के लिए उन्होंने महाबीर के खाते से रुपये निकाले थे।

साइबर अपराध से सजगता ही उपाय

साइबर थाना प्रभारी राहुल शुक्ला ने बताया कि साइबर अपराध से बचने का उपाय सजगता ही है। इसके लिए अपना बैंक खाता नंबर किसी को न दें। मोबाइल फोन पर आये किसी लिंक को न खोलें। लॉटरी के आफर के चक्कर में न फंसें। एटीएम बूथ पर अपना कार्ड और पिनकोड शेयर नहीं करें। ओटीपी की किसी को जानकारी न दें।

कहने को रेंज का साइबर थाना, मुकदमे महज 21

वाराणसी, गाजीपुर, जौनपुर और चंदौली के लिए सारनाथ में साइबर थाना खुला है। हालांकि यहां महज 21 मुकदमे दर्ज हैं। उनमें पांच मामलों का खुलासा हुआ है। सात पुलिसकर्मी थाने पर हैं। इंस्पेक्टर के मुताबिक जो मामले सिविल थाना स्तर से हल नहीं हो पाते, वही यहां आते हैं।

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