काशी में पहली बार गजल कुंभ आज से
Varanasi News - वाराणसी में 10 और 11 जनवरी को गजलों का दो दिवसीय कुंभ आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में 150 से अधिक शायर भाग लेंगे, जिसमें नेपाल की संस्था बसंत चौधरी फाउंडेशन का सहयोग है। पहले दिन तीन सत्र होंगे, जिसमें 84 वर्षीय शायरा अरुणिमा सक्सेना को सम्मानित किया जाएगा। यह गजल कुंभ का 17वां आयोजन है।

वाराणसी, मुख्य संवाददाता। काशी में शुक्रवार से गजलों का दो दिवसीय अनूठा कुंभ शुरू होगा। तेलियाबाग स्थित पटेल स्मृति भवन में आयोजित होने वाले इस साहित्यिक आयोजन में देश-विदेश के डेढ़ सौ से अधिक शायर हिस्सा लेंगे। नेपाल की संस्था बसंत चौधरी फाउंडेशन के सहयोग से दिल्ली स्थित संस्था अंजुमन फरोग-ए-उर्दू की ओर से गजल कुंभ का आयोजन 10 और 11 जनवरी को किया जा रहा है। पहले दिन कुल तीन सत्र होंगे। पहला सत्र दोपहर तीन बजे शुरू होगा, जिसके मुख्य अतिथि नेपाल के वरिष्ठ कवि बसंत चौधरी होंगे। सत्र की अध्यक्षता लखनऊ के भूपेंद्र सिंह करेंगे। गजल कुंभ के संयोजक शायर दीक्षित दानकौरी ने बताया कि रात्रि आठ बजे से आयोजित होने वाले सत्र में प्रतापगढ़ की 84 वर्षीय वरिष्ठ शायरा अरुणिमा सक्सेना को इस वर्ष के गजल कुंभ सम्मान से सम्मानित किया जाएगा।
रात्रि दस बजे से शुरू होने वाले तीसरे सत्र की अध्यक्षता देहरादून के अंबर खरबंदा करेंगे। दूसरे दिन, 11 जनवरी को चौथा सत्र दोपहर तीन बजे आरंभ होगा। इस सत्र की अध्यक्षता बुलंदशहर के डॉ. इरशाद अहमद ‘शरर’ करेंगे। संयोजक दीक्षित दानकौरी ने बताया कि इस आयोजन की शुरुआत वर्ष 2002 में अखिल भारतीय गजल गोष्ठी के रूप में हुई थी। कुछ वर्षों बाद इसे गजल कुंभ का नाम दिया गया। गजल कुंभ के नाम से यह 17वां आयोजन है। इसमें भारत के विभिन्न राज्यों के अलावा इंग्लैंड, नेपाल और भूटान के शायर भी भाग लेंगे।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।




