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गंगा दशहरा : गंगा स्नान से कटेंगे 10 तरह के पाप

धरा पर गंगा अवतरण का दिन, गंगा दशहरा चार जून को है। इस वर्ष सुखद संयोग यह है कि तिथि, वार व नक्षत्र का वही संयोग मिल रहा है जैसा शास्त्रों में वर्णित है। इस दिन ही ब्रह्मदेव के कमण्डल से मां गंगा निकलीं और भोलेनाथ की जटाओं से होते हुए धरा पर अवतरित हुईं। बीएचयू विश्व पंचांग के संपादक प्रो. रामचन्द्र पाठक ने बताया कि गंगा दशहरा पर गंगा स्नान से दस प्रकार के पाप नष्ट होते हैं। गंगा का षोडशोपचार पूजन करना चाहिए। इसी दिन भगवान श्रीराम ने रामेश्वरम् में सेतु बांधा था। इसीलिए इस दिन को श्रीरामेश्वर प्रतिष्ठा दिन भी कहते हैं। कर्मकाण्डी पं. रत्नेश त्रिपाठी ने बताया कि गंगा दशहरा पर गंगा स्नान करने से 10 जन्मों के पाप का शमन होता है। इनमें तीन कायिक (शरीर से), चार वाचिक (वचन से) और तीन मानसिक (मन से) पाप शामिल हैं। इस दिन 10 की संख्या में मां गंगा को फल, पुष्प, दीप आदि अर्पित करना चाहिए। स्नान के बाद दशाश्वमेध घाट स्थित दशाश्वमेधेश्वर महादेव के दर्शन-पूजन का विशेष महत्व है। तीन जून को सुबह 10.02 मिनट पर दशमी तिथि लग रही है जो चार जून को सुबह 10.14 मिनट तक तक रहेगी। इस समय हस्त नक्षत्र भी मिल रहा है।

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  • Web Title:Ganga Dashera: 10 kinds of sins to be cut from Ganga bath