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24 जनवरी, 2021|11:44|IST

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फुलवरिया फोर लेन के काम में नहीं आई तेजी

बहुप्रतीक्षित फुलवरिया फोर लेन के लिए सेना को अभी पेड़ों की कटाई करनी है और अतिक्रमण हटाकर चहारदीवारी बनानी है। लेकिन फुलवरिया मार्ग के चौड़ीकरण के उद्घाटन के एक साल बाद भी काम में तेजी नहीं आ सकी है। अभी पहले चरण के 71 पेड़ों की कटाई का ही काम हो रहा है। एक पुल, दो आरओबी और पांच किमी सड़क बननी बाकी है। काम की रफ्तार देख वर्ष 2019 तक इसके पूरा होने पर संदेह खड़ा हो रहा है। 

फुलवरिया मार्ग के चौड़ीकरण का उद्घाटन 25 दिसंबर 2016 को तत्कालीन मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री व वर्तमान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्रनाथ पांडेय ने किया था। लेकिन यह मार्ग दो लेन का ही रहा। बाद में इसे फोर लेन बनाने की योजना बनी। सेंट्रल जेल रोड से इमिलिया घाट तक वरुणा नदी पर पुल, दो आरओबी सेतु निगम और सड़क पीडब्ल्यूडी को बनानी है। सेना अपनी 40 फुट जमीन से पेड़ों को कटवा रही है। इसके बाद उसे अपनी दीवार पीछे करनी होगी। तब जाकर सड़क का काम शुरू हो सकेगा। चार माह पहले सड़क के लिए जमीन की पैमाइश में दर्जनों मकान व चबूतरे अतिक्रमण की जद में आए। अतिक्रमण भी हटाना है।

अक्तूबर माह में निर्माण शुरू करने का शासनादेश मिला। कुल 469 पेड़ों में से पहले चरण में 71 पेड़ काटने है। पेड़ कटाई शुरू हुए करीब दो हफ्ते बीत गए, लेकिन पहले चरण का काम भी नहीं हो सका है। पीडब्ल्यूडी व सेतु निगम के अफसरों का कहना है कि पहले सेना को अपनी जमीन से पेड़ हटाने हैं। इसके बाद काम शुरू होगा। छावनी बोर्ड के सदस्य शैलेंद्र सिंह का कहना है कि जिस गति से काम चल रहा है उससे दो साल में भी काम पूरा होने पर संदेह है। उधर, अतिक्रमण की जद में आये भवनों के स्वामी रिंग रोड की तरह मुआवजे की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि मुआवजा मिलने के बाद ही काम शुरू होने देंगे।