Varanasi News: डॉक्टरों के आठ पद स्वीकृत, पुनर्वास पर भी जोर
Varanasi News: वाराणसी के पांडेयपुर स्थित मानसिक रोग अस्पताल में भर्ती मरीजों का इलाज करने के लिए शासन ने आठ नए मेडिकल ऑफिसर पद स्वीकृत किए हैं। इससे मरीजों को अस्पताल में तुरंत चिकित्सकीय सुविधा मिलेगी, साथ ही मरीजों को रोजगार संबंधी प्रशिक्षण के लिए ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट और काउंसिलिंग के लिए क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट के पद भी स्वीकृत किए गए हैं।

Varanasi News: वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। पांडेयपुर स्थित मानसिक रोग अस्पताल भर्ती मरीजों में अन्य बीमारियों का इलाज भी वहीं होगा। शासन ने अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के आठ पद स्वीकृत किए हैं। इन डॉक्टरों की तैनाती के बाद भर्ती मरीजों को अस्पताल में ही तत्काल चिकित्सकीय सुविधा मिल सकेगी। इसके साथ ही मानसिक रोगियों को रोजगार संबंधी प्रशिक्षण के लिए ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट का एक पद भी स्वीकृत हुआ है। मानसिक अस्पताल में प्रतिदिन ओपीडी में करीब पांच सौ मरीज परामर्श के लिए आते हैं। फिलहाल यहां करीब 250 मरीज भर्ती हैं। इन मरीजों के इलाज के लिए अस्पताल में सिर्फ छह साइकेट्रिस्ट हैं। अभी भर्ती मानसिक रोगियों के इलाज के दौरान बुखार, संक्रमण, ब्लड प्रेशर, शुगर या दूसरी शारीरिक समस्या होने पर जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता है। इसको देखते हुए शासन ने आठ नए मेडिकल ऑफिसर का पद स्वीकृत किया है। यानी अब यहां पर कुल 14 डॉक्टर होंगे। इसके साथ ही ऑक्यूपेशनल थेरेपिस्ट मरीजों को उनकी क्षमता के अनुसार दैनिक गतिविधियों और कामकाज के लिए प्रशिक्षित करेंगे। मानसिक रोगियों को रोजगार से जुड़ी गतिविधियों का प्रशिक्षण देकर उन्हें धीरे-धीरे आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। मानसिक अस्पताल के निदेशक डॉ. सीपी मल्ल ने कहा कि डॉक्टरों की संख्या बढ़ने से व्यवस्था बेहतर होगी。
मरीजों की हो सकेगी काउंसिलिंग
अस्पताल में मरीजों की देखभाल के लिए स्टाफ नर्स के भी तीन पद स्वीकृत किए गए हैं। इन पदों पर नियुक्ति के बाद स्टाफ नर्स की कुल संख्या बढ़कर 36 हो जाएगी। इसके साथ ही मानसिक रोगियों के इलाज में दवाओं के साथ काउंसिलिंग की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। इसके लिए दो क्लीनिकल साइकोलॉजिस्ट के पद स्वीकृत किए हैं। ये मरीजों की मनोवैज्ञानिक जांच, काउंसलिंग और व्यवहार संबंधी समस्याओं के समाधान में सहयोग करेंगे।


