वितरण के बहाने पारेषण और उत्पादन निगम के निजीकरण की तैयारी
Varanasi News - वाराणसी में विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने निजीकरण के खिलाफ आंदोलन जारी रखा है। मंगलवार को बिजली कर्मचारियों ने विभिन्न कार्यालयों पर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक निजीकरण का निर्णय...

वाराणसी। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति की ओर से प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में आंदोलन जारी है। इसी क्रम में मंगलवार को बिजली कर्मचारियों ने विभिन्न कार्यालयों पर प्रदर्शन किया। वक्ताओं ने कहा कि जब तक निजीकरण का निर्णय निरस्त नहीं किया जाता और समस्त उत्पीड़नात्मक कार्यवाई वापस नहीं ली जाती तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की बात खुलकर की जा रही है लेकिन प्रदेश सरकार संपूर्ण ऊर्जा क्षेत्र का निजीकरण करने की तैयारी में है। 220 केवी और इससे अधिक क्षमता के विद्युत उपकेंद्रों और लाइनों का कार्य टीबीसीबी प्रक्रिया के तहत देने का निर्णय पूरे ट्रांसमिशन सेक्टर के निजीकरण का राजमार्ग है।
100 करोड रुपए की लागत से अधिक की ट्रांसमिशन परियोजनाओं पहले ही टीबीसीबी प्रक्रिया के तहत निजी घरानों को दिया जा रहा है। उत्पादन के क्षेत्र में जहां उत्तर प्रदेश में बिजली की मांग लगभग 31000 मेगावॉट है वहां उत्तर प्रदेश का सरकारी क्षेत्र का कुल उत्पादन इसका पांचवा हिस्सा लगभग 6000 मेगावॉट है। सभा में मायाशंकर तिवारी,अंकुर पाण्डेय, एसके सिंह, नीरज बिंद, प्रवीण कुमार,अरविंद कौशनन्दन, अनुराग मौर्य, देवेंद्र सिंह थे।
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