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ई-स्कूटी की बैट्री फटी, दो घायल

बनारस रेल इंजन कारखाना परिसर में गुरुवार सुबह बैट्री फटने से एक ई-स्कूटी में आग लग गई। घटना में मौके पर प्लम्बरिंग का काम कर रहे पिता-पुत्र झुलस गए।...

ई-स्कूटी की बैट्री फटी, दो घायल
हिन्दुस्तान टीम,वाराणसीFri, 01 Mar 2024 02:15 AM
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वाराणसी, संवाददाता।
बनारस रेल इंजन कारखाना परिसर में गुरुवार सुबह बैट्री फटने से एक ई-स्कूटी में आग लग गई। घटना में मौके पर प्लम्बरिंग का काम कर रहे पिता-पुत्र झुलस गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बरेका चौकी इंचार्ज सुरेन्द्र शुक्ला ने बताया कि दोनों घायलों की हालत खतरे से बाहर है। मामले में केस नहीं दर्ज कराया गया है।

परिसर में इलेक्ट्रिकल एमसीएम सोमेश्वर दास के क्वार्टर न. 551/जी में घर के बाहर सुबह दस बजे प्लम्बर पाइप बना रहे थे। वहीं बगल में ई-स्कूटी चार्ज हो रही थी। घटना के समय सोमेश्वर दास कार्यालय में थे, जबकि उनकी पत्नी घर में कामकाज निपटा रही थीं। अचानक तेज आवाज के साथ धमाका हुआ और स्कूटी में आग लग गई। इससे वहां प्लम्बरिंग का काम कर रहे रोहनिया थाना क्षेत्र के बेटवार निवासी पिता-पुत्र महेंद्र राजभर (45) और अतुल (18) घायल हो गए। धमाके की आवाज सुनकर मौके पर आसपास के लोग जुट गए। आनन-फानन में दोनों को बरेका अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां से देर शाम पिता को बीएचयू और पुत्र को मंडलीय अस्पताल के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया। सोमेश्वर दास ने बताया कि उन्होंने दो साल पहले एक कंपनी की स्कूटी खरीदी थी। आसपास के लोगों के अनुसार स्कूटी घर के बाहर चार्ज होने से संयोगवश कोई बड़ी घटना नहीं हुई।

इलेक्ट्रिक स्कूटर में आग लगने की वजहें

1. शॉर्ट सर्किट

चार्जिंग और चलने के दौरान इलेक्ट्रिक वाहनों में आग की सबसे बड़ी वजह शॉर्ट सर्किट का होना है। शॉर्ट सर्किट से जो हैवी करंट बनता है, उससे बैटरी में आग लगती है। दरअसल, बैटरी का जॉइंट इतना टाइट नहीं होता है। बैटरी के टाइट न होने की वजह से भी शॉर्ट सर्किट होता है। टू-व्हीलर में 7kw तक का चार्जर यूज होता है, जो घरों में यूज होने वाले एयर कंडीशनर से करीब 5-7 गुना ज्यादा करंट वाला होता है।

2. प्लास्टिक कैबिनेट का पिघलना

इलेक्ट्रिक वाहनों में यूज होने वाली सभी बैटरी प्लास्टिक कैबिनेट के साथ आती हैं। जब ये गर्म होती हैं तब प्लास्टिक पिघलने लगता है। इस वजह से इसमें लगे सर्किट भी पिघलने लगते हैं और इससे आग लग जाती है।

3. कम हीट सिंक

ई वाहनों में लिथियम ऑयन बेस्ड बैटरी का इस्तेमाल होता है। लिथियम ऑयन से हीट ज्यादा निकलती है। ऐसे में इसके लिए शैल के ऊपर का कवर ज्यादा मजबूत होना चाहिए। एक्सपर्ट की मानें तो इसमें हीट सिंक का इस्तेमाल होना चाहिए, लेकिन अभी बैटरी ऑपरेटर्स इसका पालन नहीं कर रहे हैं।

4. तापमान अधिक होना

कई बार अधिक गर्मी की वजह से भी बैटरी हीट में आती है और आग लग जाती है। दरअसल, जब गाड़ी धूप में खड़ी रहती है तब उसका तापमान 70 डिग्री या उससे भी अधिक होता है। गाड़ी स्टार्ट करते वक्त मोटर का ज्यादा पावर लगता है। इससे तापमान और बढ़ता है। ऐसी स्थिति में भी कई बार आग लग जाती है।

इन बातों का रखें ध्यान

1. अगर स्कूटर की बैटरी चार्ज कर रहे हैं, तो उसे आउटर एरिया में चार्ज करें। बैटरी को कपड़े या लकड़ी के सरफेस पर न खें।

2. बैटरी को चार्ज पर लगाकर पूरी रात चार्जिंग पर न छोड़ें। बैटरी फुल चार्ज होते ही उसे हटा दें।

3. ई-व्हीकल पानी में भीगने पर उसे चार्ज पर न लगाएं। वाहन या बैटरी के हिस्से को पूरी तरह से सूखने दें। सूखने के बाद ही चार्ज पर लगाएं।

4. वाहन चलाने के दौरान अगर स्मैल आए तो फौरन गाड़ी रोकें और सबसे पहले सीट को खोल दें ताकि अंदर की गर्मी बाहर निकल सके।

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