Varanasi News: काशी में विश्वनाथ ही गुरु: बालव्यास
Varanasi News: वाराणसी में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा के प्रवचन में पंडित श्रीकांत शर्मा ने बताया कि महादेव का नाम शिव इसलिए है क्योंकि वह सभी का कल्याण करते हैं। कथा में भगवान श्रीकृष्ण और महादेव की महिमा का वर्णन हुआ, और कथावाचक ने भागवत कथा के महत्व को समझाया।

Varanasi News: वाराणसी, मुख्य संवाददाता। काशी में विश्वनाथ ही गुरु हैं। यहां जिसने गंगाजल ग्रहण कर लिया उसे कोई पराजित नहीं कर सकता है। भगवान श्रीकृष्ण वृंदावन में निवास करते हैं जबकि महादेव आनन्द वन में रमण करते हैं। ये बातें बालव्यास पं.श्रीकांत शर्मा ने कहीं। वह महमूरगंज स्थित शुभम लॉन में सोमवार से आरंभ हुई श्रीमद्भागवत कथा में प्रवचन कर रहे थे। श्रीकाशी सत्संग सेवा समिति की ओर से काशीवासियों को 37वीं कथा का श्रवण कराते हुए बालव्यास ने कहा कि महादेव का नाम शिव इसलिए पड़ा क्योंकि वह मनुष्यों का कल्याण करने वाले हैं। जो सबका कल्याण करें वहीं शिव हैं।
जो अव्यक्त, अनंत और अद्वितीय हैं, वहीं शिव हैं। महादेव का एक स्वरूप अमरनाथ भी है जो यह शिक्षा देते है कि जो आया है उसे जाना ही है। भागवत कथा महात्म्य का वर्णन करते हुए बालव्यास ने कहा कि यह कथा परमहंसियों, वीतरागियों और भगवान के प्रेमियों की है। स्वामी करपात्री महाराज जैसे संत 6-6 माह तक भागवत कथा का श्रवण कराते थे।


