विश्वनाथ धाम से शुरू हुई काशी की जनगणना
Varanasi News - वाराणसी, विशेष संवाददाता। देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना के तहत पहले चरण में मकान गणना की शुरुआत शुक्रवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से हुई। इस बार जनगणना पूरी तरह हाई-टेक है। नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने 7000 प्रगणकों को प्रशिक्षित कर तैनात किया है। 88 हजार लोगों ने स्वयं जनगणना में भाग लिया है।
वाराणसी, विशेष संवाददाता। देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना के तहत पहले चरण में मकान गणना की शुरुआत शुक्रवार को श्रीकाशी विश्वनाथ धाम से हुई। सहायक नगर आयुक्त मृत्युंजय नारायण मिश्रा के नेतृत्व में पहुंची नगर निगम की टीम ने धाम को नगर के पहले भवन के रूप में अंकित किया है। इसके बाद प्रगणक (एन्युमरेटर) शहर से गांवों तक हर घर तक पहुंचकर मकानों का ब्योरा जुटाने में लग गए हैं।
जनगणना की प्रक्रिया
इस बार जनगणना पूरी तरह हाई-टेक है। पूरी प्रक्रिया मोबाइल ऐप के माध्यम से संचालित हो रही है, जिससे डेटा की सटीकता और पारदर्शिता बनी रहेगी। प्रगणक विशेष एप्लिकेशन के जरिए मकान और उससे जुड़ी संपत्तियों के संबंध में 33 महत्वपूर्ण सवालों का जवाब डिजिटल फॉर्मेट में दर्ज कर रहे हैं। इस क्रम में पूरे जिले को 14 चार्ज क्षेत्रों में बांटा गया है, जिसमें तहसीलें, नगर निगम के आठ जोन, नगर पंचायत, कैंटोनमेंट बोर्ड और बरेका जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। यह अभियान 20 जून तक चलेगा, जिसमें वाराणसी के हर घर को सूचीबद्ध कर लिया जाएगा।
प्रगणकों की तैयारी
नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि जिले के 40 लाख से अधिक की आबादी की गणना के लिए 7000 प्रगणकों को प्रशिक्षित कर तैनात किया गया है। सभी प्रगणक और सुपरवाइजर को अपने आवंटित क्षेत्र में पूरी गंभीरता और निष्पक्षता से कार्य करने का निर्देश दिया गया है। उन्हें ड्यूटी कार्ड, जनगणना किट और संबंधित क्षेत्र के नक्शे उपलब्ध कराए गए हैं ताकि गणना में कोई त्रुटि न हो। उन्होंने नागरिकों से अपील की है कि जब प्रगणक और सुपरवाइजर उनके घर पहुंचें, उन्हें सही जानकारी उपलब्ध कराकर इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने में सहयोग करें। हमारी जनगणना-हमारा विकास, सही जनगणना-सशक्त भारत के मूल मंत्र के साथ काशी को जनगणना-2027 में अग्रणी बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
स्वयं जनगणना में भागीदारी
स्वयं जनगणना में 88 हजार ने की भागीदारी
जनगणना के अंतर्गत भौतिक रूप से भवनों की गणना से पूर्व डिजिटल या एप और वेबसाइट के जरिए भी हुआ था। 7 से 21 मई तक चले स्वयं जनगणना में 88 हजार लोगों ने भागीदारी की है। इसमें सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों के साथ सरकारी कर्मचारियों ने सबसे ज्यादा जिम्मेदारी निभाई। इसके साथ ही जनपद के विभिन्न सभ्रांतजनों ने डिजिटल जनगणना में स्वयं डाटा फीड किया है। अब इनके डाटा का कर्मचारी घर जाकर सत्यापन करेंगे। इसके बाद पूर्ण रूप से जनगणना सम्पन्न हो जाएगी।
जनगणना का महत्व
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने कहा है कि जब प्रगणक एवं सुपरवाइजर घर पहुंचें तो उन्हें सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराकर जनगणना प्रक्रिया को सफल बनाने में सहयोग दें। जनगणना केवल प्रशासनिक कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण राष्ट्रीय दायित्व है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है।
जनगणना से संबंधित सामान्य प्रश्न
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