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दुर्ग विनायक के जलविहार की झांकी देख भक्त निहाल

ज्येष्ठ पूर्णिमा पर शनिवार को दुर्गाकुंड स्थित दुर्ग विनायक गणेश मंदिर में जल विहार की झांकी सजाई गई। ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर खुलने से बंद होने तक...

दुर्ग विनायक के जलविहार की झांकी देख भक्त निहाल
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हिन्दुस्तान टीम,वाराणसीSat, 22 Jun 2024 09:15 PM
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वाराणसी,मुख्य संवाददाता।
ज्येष्ठ पूर्णिमा पर शनिवार को दुर्गाकुंड स्थित दुर्ग विनायक गणेश मंदिर में जल विहार की झांकी सजाई गई। ब्रह्म मुहूर्त में मंदिर खुलने से बंद होने तक करीब 18 घंटे भगवान प्रथमेश ने जलक्रीड़ा की। भक्त गणपति के इस मनोहर रूप को देख आनंदित हो उठे।

मंदिर के गर्भगृह को जलाशय का रूप प्रदान किया गया था। जिसे 108 कमल पुष्पों से सजाया था। पूरे मंदिर को फूल-मालाओं और अशोक की पत्तियों से सजाया गया था। सूर्यास्त के बाद संपूर्ण मंदिर रंगबिरंगे झालरों से जगमग हो उठा। भगवान गणेश प्रातःकाल से ही जलक्रीड़ा करते हुए भक्तों को दर्शन देते रहे। यह क्रम देर रात तक चला।

दोपहर में 1:00 बजे बाबा को फल का भोग लगाया गया। तत्पश्चात सायं सात बजे भगवान गणपति की आरती की गई। जिसके विधान मंदिर के व्यवस्थापक ईशान दुबे ने पूर्ण किए। रात्रि नौ बजे भगवान को खीर और बुंदी का भोग लगाया गया। भोग के समय बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित रहे। श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरण महंत पंडित ज्ञानेश्वर दुबे एवं पं. ताड़केश्वर दुबे के नेतृत्व में किया गया। दिनभर चले विभिन्न पूजन-अनुष्ठान मंदिर के पुजारी अशोक मिश्रा, निर्भय उपाध्याय अंकित उपाध्याय उमेश के सहयोग से हुए।

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