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21 जनवरी, 2021|9:58|IST

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पत्नी की हत्या कर आंगन ही गाड़ दिया शव

पत्नी की हत्या कर आंगन ही गाड़ दिया शव

वाराणसी। हिन्दुस्तान संवाद

लोहता थाना क्षेत्र के भिटारी गांव की दलित बस्ती में रहने वाले खिलौना कारीगर ने सोमवार को अपनी पत्नी की हत्या कर डाली, फिर उसका शव घर के आंगन में ही गाड़ दिया। शव गाड़ने के लिए खोदा गया गड्ढा पाटने के दौरान आ पहुंचे उसके बेटे को संदेह हुआ। उसने शोर मचाते हुए दोबारा गड्ढा खुदवाया तो निर्दयी बाप की क्रूरता उजागर हुई। इस दौरान खिलौना कारीगर फरार हो गया। पुलिस ने महिला का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर जांच की। सीओ सदर राकेश मिश्रा ने प्रारंभिक छानबीन के बाद कहा कि खिलौना कारीगर तांत्रिक और शंकालु मिजाज का है। उसे पत्नी के चरित्र पर शक था।

पुलिस के अनुसार खिलौना कारीगर राजेन्द्र प्रसाद की अपनी पत्नी आशा देवी (45) से आए दिन झगड़ा हुआ करता था। राजेन्द्र अपनी पत्नी की अक्सर पिटाई भी करता था। मना करने पर पड़ोसियों से भी उलझ जाता था। सोमवार शाम करीब पांच बजे राजेन्द्र का सबसे छोटा बेटा 13 वर्षीय अमर घर पहुंचा। उसे मां नहीं दिखी। तभी उसकी नजर पिता पर पड़ी जो आंगन में कुछ पाट रहा था। उसने मां के बारे में पूछा तो राजेन्द्र ने आशा के सराफा की दुकान पर जाने की बात कही। तब अमर ने पूछा कि जमीन में क्या पाट रहे हो तब राजेन्द्र ने कोई जवाब नहीं दिया। अमर की नजर बोरे से ढके गड्ढे और और फैली हुई मिट्टी पर पड़ी तो उसे संदेह हुआ। उसने पड़ोस से फावड़ा लाकर ढंके गए गड्ढे की खुदाई शुरू की। कुछ ही क्षणों में मां का शव देख अमर ने शोर मचाया। इस दौरान राजेन्द्र प्रसाद अपनी साइकिल से फरार हो गया। लोगों की सूचना पर पुलिस पहुंची।

शवपर डाल दिया था नमक

राजेन्द्र ने शव को गलाने के लिए नमक छिड़क दिया था। गड्ढे से काफी मात्रा में नमक मिला है। आशा के मुंह में कपड़ा भी ठूंसा हुआ मिला। सिर पर चोट के निशान मिले हैं। आंखें नहीं थीं। उसकी जीभ बाहर निकली हुई थी। पुलिस को आशंका है कि आशा की पहले गला दबाकर पहले हत्या की गई। फिर लाश को दफनाया गया।

दोपहर में घटना को अंजाम देने की आशंका

पुलिस पूछताछ में यह सामने आया है कि सोमवार सुबह 11 बजे आशा देवी का बनाया खाना खाने के बाद ही राजेन्द्र के तीनों बच्चे घर से निकले थे। उनके जाने बाद पति-पत्नी ही घर पर थे। पुलिस को आशंका है कि घटना दोपहर एक से दो बजे के बीच की है। हालांकि पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

तीनों बेटे करते हैं मजदूरी

आसपास के लोगों ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद और आशा देवी के तीन पुत्र कमलेश, रामविलास और अमर और एक बेटी है। बेटी की शादी दो वर्ष पहले हो चुकी है। तीनों पुत्र मजदूरी करते थे। लोगों के अनुसार राजेंद्र प्रसाद काफी गुस्सैल है। आए दिन अपने पत्नी को बुरी तरह से पीटता था। उसके गुस्सैल स्वभाव के चलते पड़ोसियों से उसकी नहीं बनती थी।

कोट...

हत्यारोपी पति के खिलाफ धारा 302 के तहत मुकदमा पंजीकृत हुआ है। उसकी गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है। घटना का जल्द ही खुलासा कर दिया जाएगा।

राकेश मिश्रा, सीओ सदर