
लोभ, लापरवाही और लत का फायदा उठाते हैं साइबर ठग
Varanasi News - वाराणसी में साइबर जागरुकता कार्यशाला का आयोजन हुआ, जिसमें डीजीपी राजीव कृष्णा ने साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों और लोगों की लापरवाही पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया और गेमिंग ऐप्स की लत से लोग जालसाजों के शिकार हो रहे हैं। पुलिस आयुक्त ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों की जानकारी दी।
वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। ट्रैफिक पुलिस लाइन सभागार में बुधवार को साइबर जागरुकता कार्यशाला हुई। शुभारंभ वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जुड़े डीजीपी राजीव कृष्णा ने किया। कहा कि पैसे के लोभ, निजी जानकारियों को लेकर लापरवाही, सोशल मीडिया एवं गेमिंग ऐप की लत की वजह से लोग साइबर जालसाजों के चंगुल में फंसते हैं। डिजिटल अरेस्ट जैसे मामले आए दिन सामने आ रहे हैं। डीजीपी ने कहाकि, साइबर अपराधी लोगों को फंसाने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाते हैं। कभी अधिक रिटर्न का लालच देकर, व्यक्तिगत जानकारी, ओटीपी आदि लेकर ब्लैकमेल और साइबर अरेस्ट कर, ऑनलाइन गेमिंग और सोशल मीडिया की लत का फायदा उठाकर लोगों को शिकार बनाते हैं।

कहा कि सोशल मीडिया की लत मानसिक स्वास्थ्य, पारिवारिक जीवन एवं सामजिक व्यवहार प्रभावित करते हैं। बच्चों एवं युवाओं को यह समझना होगा कि साइबर गेमिंग में हमेशा गेम बनाने वाला जीतता है न कि खेलने वाला। पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने कमिश्नरेट में साइबर अपराध को लेकर चल रहे अभियान एवं पैसा वापसी की जानकारी दी। साइबर विशेषज्ञ रक्षित टंडन का आभार व्यक्त किया। कार्यशाला में पुलिस अधिकारी, विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और छात्र-छात्राएं भी मौजूद रहीं। इस दौरान साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के बारे में बताया गया। कहा कि इससे 654 बैंक और एनबीएफसी जुड़े हैं। जब आप कॉल करते हैं, आपकी ट्रांजैक्शन आईडी ली जाती है, जिस अकाउंट में पैसा गया है, वह तुरंत फ्रीज हो जाता है।

लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


