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प्रवासी सम्मेलन : आप आइए, काम शुरू कीजिए, मिलेगी मदद : वीके सिंह

प्रवासी सम्मेलन : आप आइए,  काम शुरू कीजिए, मिलेगी मदद : वीके सिंह

बड़ा लालपुर में भारतीय प्रवासी दिवस के तहत सोमवार को आयोजित युवा प्रवासी सम्मेलन के दूसरे सत्र में युवा मेहमानों से संवाद हुआ। इसमें विभिन्न देशों से आए युवाओं ने खुल कर अपने मन की बातें साझा कीं। अपनी कही तो मंचासीन शीर्ष प्रतिनिधियों की सुनी भी। इच्छा जताई कि वे अपनी जड़ों से हमेशा जुड़े रहना चाहते हैं। प्रैक्टिकल के साथ इमोशनल कनेक्ट भी बनाए रखना चाहते हैं। इस सत्र में विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह और युवा व खेलकूद राज्यमंत्री राज्यवर्धन राठौर ने युवाओं की बातें ध्यान से सुनीं और उनका समाधान भी सुझाया। भरोसा दिया कि दुनिया के किसी भी शहर में आप रहें, भारत आपके साथ है। आप अपनी संस्कृति, परम्परा के साथ अपना और अपने देश-समाज व गांव के विकास में सहयोग दें। तभी देश समृद्ध होगा।

विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने युवाओं को बताया कि भारत में तेजी से बदलाव हुआ है। नए अवसर पैदा हुए हैं। वे भारत आएं। इन अवसरों का लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि जब वे कोई काम शुरू करेंगे तो लोग स्वत: उनकी मदद को आएंगे। सरकार भी मदद करेगी। उन्होंने हरिवंश राय बच्चन की कविता की पक्ति दोहराई ‘कोशिश करने वालों की हार नहीं होती....।

सभी भारतीय भाषाओं को बढ़ावा

एक प्रश्न के जवाब में विदेश राज्यमंत्री ने कहा कि सिर्फ हिन्दी नहीं, सभी भारतीय भाषाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। युवा और खेलकूद मंत्रालय के राज्यमंत्री राज्यवर्धन राठौर ने युवाओं को सुझाव दिया कि वे अपना एक ग्रुप बनाए। उससे एक-दूसरे को जोड़ें। स्किल इंडिया, डिजिटल इंडिया और मेक इन इंडिया अभियानों से जुड़ें। सुझाव दिया कि आल इंडिया रेडियो का एप्लीकेशन मोबाइल में अपलोड करें। इससे हिन्दी सीखने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि जहां भारतीय खिलाड़ियों की टीम जाय, वहां उनका सपोर्ट करें।

भारत के परमाणु मिशन से युवा प्रवासी भी जुड़ें

इससे पहले परिचर्चा के दौरान जापान के सौरभ शर्मा ने बताया कि वह परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में शोध कर रहे हैं। कहा, भारत को अपने न्यूक्लीयर मिशन में प्रवासी युवाओं को भी जोड़ना चाहिए। नीदरलैंड की नुपुर माहेश्वरी का सुझाव था कि ऐसा तंत्र विकसित किया जाए जो प्रवासी युवा नेतृत्व को देश के नेतृत्व से जोड़ सके। अंजल कटारे ने कहा कि प्रवासी ऐसा सम्बन्ध विकसित करें, जिसका सकारात्मक परिणाम निकले। विजय शाह का कहना था कि एक पोर्टल बनाया जाए जिसमें सभी प्रवासी युवाओं की सूची अपलोड हो। ब्रिटेन के प्रो. सतीश कुमार ने कहा कि बड़ी संख्या में युवा विदेशों पढ़ने जाते हैं। उसमें अधिकतर अपने देश लौटकर काम करना चाहते हैं। ऐसे युवाओं को बेहतर अवसर मिलना चाहिए।

परिचर्चा में बतौर पैनलिस्ट राजीव, डेकल, विद्युत तुलसी, रश्मिदास, शोभित माथुर ने भी विचार व्यक्त किए।

युवा प्रवासियों के कुछ सुझाव

1. हिन्दी तथा भारतीय भाषाओं के लिए शार्ट टर्म आनलाइन कोर्स शुरू हो।

2. भारत में शिक्षा के अवसरों की जानकारी मिले।

3. प्रवासी भारतीय और भारतीय विश्वविद्यालयों में सहयोग बढ़े

4. निवेश के अवसरों की जानकारी मिले

5. डिजिटल बिजनेस डायरेक्टरी बने

6. प्रवासी भारतीयों को स्टार्टअप में मदद मिले।

7. प्रवासी भारतीयों का थिंक टैंक बने

8. प्रवासी छात्र संगठनों के लिए लिंक विकसित किया जाए।

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