काशी में हर 13वें पुरुष और 16वीं महिला को कैंसर का खतरा
Varanasi News - वाराणसी में कैंसर का खतरा बढ़ता जा रहा है। यहां हर 13वें पुरुष और 16वीं महिला को कैंसर का खतरा है। हाल ही में जारी रिपोर्ट में 4496 कैंसर मरीजों का जिक्र है। विशेषज्ञों का कहना है कि तंबाकू, मोटापा और जीवनशैली में बदलाव इसके मुख्य कारण हैं। बच्चों में भी कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं।

वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। धार्मिक एवं सांस्कृतिक नगरी काशी में अब कैंसर डराने लगा है। यहां पर हर 13वें पुरुष और 16वीं महिला को कैंसर का खतरा है। विशेषज्ञों का कहना है कि जीवन शैली में बदलाव, खानपान में गड़बड़ी, तंबाकू, शराब, पर्यावरण, मोटापा सहित अन्य कारणों से खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। महामना कैंसर अस्पताल की पीबीसीआर (पॉपुलेशन बेस्ड सर्वे रिपोर्ट) रिपोर्ट में ये खुलासा हुआ है। हाल ही में जारी रिपोर्ट के अनुसार काशी में कैंसर के 4496 मरीज मिले हैं। इसमें 2514 पुरुष और 1932 महिलाएं हैं। प्रति लाख 67.7 पुरुष और 54.7 महिलाएं कैंसर की चपेट में हैं।
इसमें हर दूसरे मरीज की मौत हो जाती है। रिपोर्ट के अनुसार प्रति लाख 54.7 पुरुष और 37.3 महिलाओं की कैंसर से मौत हो जाती है। पुरुषों में मुंह, जीभ और पित्ताशय के कैंसर ज्यादा मिले हैं। वहीं महिलाओं में स्तन, पित्ताशय और गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर प्रमुख कैंसर है। मुंह के कैंसर में दूसरे नंबर पर काशी रिपोर्ट के अनुसार मुंह के कैंसर में बनारस में देश में दूसरे नंबर पर है। यहां पर प्रति लाख 17.8 पुरुष और 2.2 महिलाएं मुंह की कैंसर की चपेट में है। जबकि पहले नंबर पर अहमदबाद है। वहीं गॉल ब्लैडर कैंसर में काशी देश में तीसरे नंबर पर है। यहां प्रति लाख 7.9 महिलाएं और 4.5 पुरुष इसकी चपेट में है। पहले नंबर पर असोम का कमरूप और दूसरे पर दिल्ली है। बच्चे भी नहीं सुरक्षित रिपोर्ट का एक और चिंताजनक पहलू यह है कि प्रति दस लाख बच्चों में 72 बच्चे कैंसर की चपेट में हैं। लिम्फोमा, ब्लड सहित अन्य कैंसर से बच्चे पीड़ित हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि समय रहते जांच और उपचार जरूरी है। जिससे बच्चों को बचाया जा सके। पुरुषों में तीन प्रमुख कैंसर कैंसर फीसदी मुंह 26.5 जीभ 8.9 गॉल ब्लैडर 6.5 महिलाओं में तीन प्रमुख कैंसर कैंसर फीसदी ब्रेस्ट 23.2 गॉल ब्लैडर 14.2 सर्वाइकल 8.9 कैंसर स्वास्थ्य के लिए बड़ी चुनौती बना आईएमएस बीएचयू के डीन रिसर्च एवं सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रो. मनोज पांडेय ने कहा कि कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए नियमित स्क्रीनिंग, तंबाकू से दूरी, स्वस्थ जीवनशैली और समय पर इलाज बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि कैंसर अब सिर्फ बीमारी नहीं, बल्कि सामाजिक और सार्वजनिक स्वास्थ्य की बड़ी चुनौती बन चुका है। इनका कहना... महामना पंडित मदन मोहन मालवीय कैंसर केंद्र एवं होमी भाभा कैंसर अस्पताल के प्रिवेंटिव ऑन्कोलॉजी विभाग और कैंसर रजिस्ट्री की डॉ. दिव्या खन्ना ने कहा कि बनारस की जनसंख्या और कैंसर मरीजों के आधार पर आकलन किया जाता है। इसी आधार पर हम लोगों कैंसर का खतरा रेशियो निकालते हैं। बनारस में तंबाकू कैंसर का सबसे प्रमुख कारण है। इसके साथ ही मोटापा, पर्यावरण, शराब सहित अन्य भी कारण हो सकते हैं। कैंसर से ऐसे करें बचाव वजन ज्यादा नहीं होना चाहिए। -स्वस्थ आहार लें। हरी सब्जी और मौसमी फल का सेवन करें। -प्रतिदिन शारीरिक सक्रियता और व्यायाम करें। -हर तरह के तंबाकू और अल्कोहाल से दूरी। -आंतरिक और बाह्य वायुप्रदूषण से बचें।

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