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घरों के कचरे भी फैला रहे कैंसर व बांझपन की बीमारी

घरों के कचरे भी फैला रहे कैंसर व बांझपन की बीमारी

घरों से निकलने वाले कचरे से भी कैंसर और बांझपन जैसी बीमारियां हो रही हैं। इससे बचाव के लिये हर परिवार को सजग रहना होगा और कचरे को उसके शुरू में ही अलग करने की आदत डालनी होगी। सूखा और गीला कचरा घर में ही अलग करके डस्टबिन में डालें।

कमिश्नरी सभागार में शनिवार को नगर निगम की ओर से सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट पर आयोजित कार्यशाला में मुख्य वक्ता टाटा ट्रस्ट के विशेषज्ञ प्रमोद डबरासे ने कहा कि काकरोच, मच्छरों को मारने के लिये इस्तेमाल होने वाले केमिकल, बल्ब व ट्यूबलाइट में उपयोग होने वाला पारा, घरों से निकले बायोमेडिकल वेस्ट अन्य कचरों से मिलकर भारी मात्रा में डंपिंग ग्राउंड पहुंच रहा। इनसे निकलने वाले खतरनाक केमिकल जलाशयों, खेतों में जाकर प्रदूषण फैला रहे हैं। यह धीमा जहर हमारे जीवन को खत्म रहा है।

प्रमोद डबरासे ने कहा कि गीले और सूखे कूड़े को अलग करने से आधी समस्या खत्म हो जाती है। इसलिये अपने स्वास्थ्य के साथ भावी पीढ़ी के लिये हमें यह काम करना ही होगा। मुख्य अतिथि नगर आयुक्त आशुतोष कुमार द्विवेदी ने कहा कि केवल थोड़ा सा समय निकाल कर यदि हम सभी ठोस अपशिष्ट प्रबंधन का काम करें तो कूड़ा निस्तारण जैसी शहर की एक बड़ी समस्या का समाधान किया जा सकता है। ठोस कचरा प्रबंधन अधिनियम 2016 के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर दंडात्मक कार्रवाई और 10 हजार रुपये तक जुर्माने का प्रावधान है।

कार्यशाला में विभिन्न सामाजिक संगठनों, व्यापार मंडलों के पदाधिकारियों से कूड़ा अलग करने की मुहिम में आगे आने की अपील की गई। इस मौके पर अपर नगर आयुक्त एके सिंह, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी जीएल केसरवानी, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. एके दुबे, सुरजीत सिंह, गुरुरत्नम आदि मौजूद थे।

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  • Web Title:Cancer and infertility from home waste