
ई-मेल पर काम एक्टिविटी मात्र, एक्शन नहीं: अल्लूरी
Varanasi News - वाराणसी में बीएचयू के अटल इनक्यूबेशन सेंटर में 'दी एनलाइटेंड मैनेजर' पुस्तक का विमोचन हुआ। विश्वनाथ अल्लूरी ने बताया कि उन्हें यह पुस्तक लिखने की प्रेरणा जे. कृष्णमूर्ति से मिली। पुस्तक पर चर्चा में बताया गया कि कार्य का असली अर्थ संवाद है, न कि केवल ईमेल का प्रबंधन।
वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। बीएचयू के अटल इनक्यूबेशन सेंटर में मंगलवार को कृष्णमूर्ति फाउंडेशन ऑफ इंडिया के सचिव विश्वनाथ अल्लूरी की पुस्तक ‘दी एनलाइटेंड मैनेजर’ का विमोचन हुआ। पुस्तक पर परिचर्चा का आयोजन भी हुआ। विश्वनाथ अल्लूरी ने बताया कि उन्हें यह पुस्तक लिखने की प्रेरणा उन्हें जे. कृष्णमूर्ति से मिली। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों की तादाद बढ़ रही है जो ऑफिस में बैठ कर बगल की टेबल या चैम्बर में बैठे व्यक्ति के साथ सीधा संवाद करने के बजाय, दिनभर मेल का रिप्लाई कर अपने काम से संतुष्टि मिलने का दावा करते हैं, यह कार्य से ज्यादा इनबॉक्स मैनेजमेंट और ये महज ‘एक्टिविटी’ है ‘एक्शन’ नहीं।

प्रबंध अध्ययन संस्थान के निदेशक प्रो. आशीष बाजपेयी ने कहा कि यह पुस्तक ना सिर्फ कॉर्पोरेट जीवन बल्कि जीवन को समग्र रूप से समझने के लिए एक दृष्टि देती है। इस अवसर पर पुस्तक के प्रकाशक हार्पर कॉलिंस के सचिन शर्मा ने बताया कि पुस्तक को अमेज़न पर रिव्यू करने वाले विद्यार्थियों में तीन श्रेष्ठ समीक्षाओं को बड़ी टेक कंपनीज के साथ इंटर्नशिप का मौका दिया जाएगा। इस दौरान कृष्णमूर्ति फाउंडेशन वाराणसी के सचिव एसएन दुबे, वसंत महिला कॉलेज की प्राचार्य प्रो. अल्का सिंह, अटल इन्क्यूबेशन सेंटर के समन्वयक प्रो. पीवी राजू, कृष्णमूर्ति फाउंडेशन ऑफ इंडिया के ट्रस्टी ए. कुमारस्वामी का सम्मान किया गया। संचालन डॉ. योगेन्द्र जैन और धन्यवाद प्राचार्य प्रो. अल्का सिंह ने दिया।

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