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बीएचयू में बवाल: डीएम ने उपद्रवी छात्रों से सख्ती से निपटने का दिया निर्देश- PHOTO

डीएम ने उपद्रवी छात्रों से सख्ती से निबटने का दिया निर्देश (फोटो-मोहम्मद मुकीद)

1 / 6डीएम ने उपद्रवी छात्रों से सख्ती से निबटने का दिया निर्देश (फोटो-मोहम्मद मुकीद)

बीएचयू के दो हॉस्टलों के बीच पथराव, बमबाजी (फोटो-मोहम्मद मुकीद)

2 / 6बीएचयू के दो हॉस्टलों के बीच पथराव, बमबाजी (फोटो-मोहम्मद मुकीद)

बीएचयू के दो हॉस्टलों के बीच पथराव, बमबाजी (फोटो-मोहम्मद मुकीद)

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बीएचयू के दो हॉस्टलों के बीच पथराव, बमबाजी (फोटो-मोहम्मद मुकीद)

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बीएचयू के दो हॉस्टलों के बीच पथराव, बमबाजी (फोटो-मोहम्मद मुकीद)

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बीएचयू के दो हॉस्टलों के बीच पथराव, बमबाजी (फोटो-मोहम्मद मुकीद)

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बीएचयू के बिड़ला और लालबहादुर शास्त्री (एलबीएस) हॉस्टल के छात्रों के बीच मंगलवार आधी रात के बीच हिंसक टकराव हो गया। दोनों छात्रावासों के बीच काफी देर तक जमकर पथराव हुआ। बीच-बीच में बम फूटने की भी आवाजें आती रहीं। दोनों हॉस्टलों के छात्रों की परस्पर विरोधी नारेबाजी के चलते माहौल गर्म था। बुधवार सुबह दोनो छात्रावासों के बाहर भारी संख्या में पुलिस कर्मी तैनात कर दिए गए हैं। कुलपति ने घटना के बारे में जानकारी ली। वहीं डीएम ने उपद्रवी छात्रों से सख्ती से निबटने का निर्देश दिया है।

टकराव की सूचना मिलने पर विश्वविद्यालय प्रशासन के अलावा जिला प्रशासन के आला अफसर कई थानों की फोर्स के साथ परिसर में पहुंच गए। साथ में दो वज्र वाहन एवं पीएसी के जवान भी थे मगर रात डेढ़ बजे तक छात्रों के रौद्र रूप को देखते हुए पूरी फोर्स रुईया छात्रावास चौराहे पर ही खड़ी थी। बीएचयू प्रशासन के अफसर छात्रों से शांत होने की अपील कर रहे थे, लेकिन उसका असर नहीं दिखा। मंगलवार रात भड़के बवाल के पीछे दो दिन पहले एलबीएस के छात्र आशुतोष मौर्य के साथ चाकूबाजी की घटना वजह बताई जा रही है। इसके अलावा पिछले हफ्ते एलबीएस के सीनियर और बिड़ला के जूनियर छात्रों के बीच मारपीट की घटना हुई थी। इसे लेकर बने तनाव को खत्म करने के लिए बीएचयू प्रशासन जुटा हुआ था कि मंगलवार की रात के बवाल ने सभी प्रयासों पर पानी फेर दिया। 

चीफ प्रॉक्टर की गाड़ी घेरी
बवाल के दौरान ही बिड़ला हॉस्टल से छात्रों का एक समूह दौड़ते हुए चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह की गाड़ी के पास पहुंच गया। कुछ छात्र वाहन पर चढ़ गये। वे चिल्ला रहे थे कि पथराव और बमबाजी में कई छात्र घायल हो गये हैं। 

चार दिन से बवाल की चल रही थीं तैयारियां
बीएचयू में पिछले छह माह के दौरान बवाल की मानों झड़ी लग गई है। पूर्व कुलपति प्रो. जीसी त्रिपाठी के कार्यकाल के दौरान शुरू हुआ यह क्रम बदस्तूर जारी है। मंगलवार आधी रात को शुरू हुआ बवाल उस सिलसिले की ताजी कड़ी है जिसे लेकर चल रही तैयारियों को भांपने में बीचएचयू प्रशासन और उसका खुफिया तंत्र एक बार फिर फेल हुआ। बिड़ला और एलबीएस हॉस्टलों के छात्रों के बीच चल रही तनातनी को खत्म करने के प्रयास हिंसक मोड़ पर पहंुच जायेगा, इसका आभास बीएचयू प्रशासन को भी नहीं हो सका।

एलबीएस के छात्र आशुतोष मौर्य को विगत पांच मई को कैंपस में ही चाकू मारा गया था। वह अपने साथियों, समीर सिंह ओर विनय सिंह के साथ परीक्षा देने कला संकाय जा रहा था। आशुतोष ने पुलिस को दी तहरीर में बिड़ला हॉस्टल के नौ छात्रों को खुद पर हुए हमले का आरोपी बनाया था। आरोप था कि हमलावरों ने दोस्तों के पर्स भी छीन लिए जिसमें 14 हजार रुपये थे। इस घटना की प्रतिक्रिया में शनिवार की देर शाम एलबीएस और बिड़ला हॉस्टल के छात्रों के बीच जमकर पथराव भी हुआ था।

इसके पहले इसी हॉस्टल के एक सीनियर छात्र की बिड़ला हॉस्टल के छात्रों ने पिटाई कर दी थी। इन दो घटनाओं के बाद एलबीएस के छात्र रियेक्शन मोड में थे। उनकी तीखी प्रतिक्रिया का अंदाज संभवत: बिड़ला हॉस्टल के भी छात्रों को था, इसलिए उन्होंने पूरी तैयारी कर रखी थी। मंगलवार आधी रात के बाद दोनों छात्रावासों के बीच देशी और पेट्रोल बमों के फूटने की तेज आवाज हिंसक संघर्ष की तैयारियां बयां कर रही थी। बवाल की गंभीरता का अंदाज इसी से लगाया जा सकता है कि रात 1.40 बजे तक पुलिस फोर्स रुईया हॉस्टल चौराहे से आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही थी। चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयना सिंह भी वहीं बेबस दिखीं। 

खास यह कि पांच मई से मंगलवार के बीच बीएचयू का खुफिया तंत्र भी बवाल की भनक लेने में नाकाम रहा। साथ में सुरक्षा इंतजामों के दावों के बीच दोनों छात्रावासों की तलाशी की भी जरूरत नहीं महसूस की गई। तलाशी हुई होती तो उसी समय बम बरामद हो गये होते। 

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  • Web Title:bombardment between two hostels in BHU