Varanasi News: प्रतियोगी परीक्षा में नकल कराने वाला सरगना गिरफ्तार
Varanasi News: वाराणसी में लघु सिंचाई विभाग की परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह के सरगना शिवजीत पटेल को गिरफ्तार किया गया है। वह प्रयागराज का निवासी है और पिछले कुछ समय से फरार था। उसके गिरोह में कई अन्य सदस्य भी शामिल हैं, जो परीक्षा के प्रश्नपत्र को लीक करने में मदद करते थे।

Varanasi News: वाराणसी। लघु सिंचाई विभाग में सहायक बोरिंग टेक्नीशियन की मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रानिक डिवाइस से नकल कराने वाले गिरोह के सरगना प्रयागराज के शिवजीत पटेल को सिगरा पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार किया है। आरोपी प्रयागराज के रामगढ़ कोठारी (बहरिया) का निवासी है। अपने आवास से ही वह अपनी टीम के साथ नकल कराता था। बीते 12 जुलाई को एसटीएफ वाराणसी ने उसके भाई कप्तान सिंह पटेल, दो अभ्यर्थियों समेत 13 को गिरफ्तार किया था। सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि आरोपी को मलदहिया चौराहा से गिरफ्तार किया गया। वह अपने मुकदमे से जुड़े काम के लिए वाराणसी आया था। सर्विलांस के जरिये लोकेशन मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बीते 12 जुलाई को लघु सिंचाई विभाग में सहायक बोरिंग टेक्नीशियन की मुख्य परीक्षा में इलेक्ट्रानिक डिवाइस से नकल कराने के दौरान उसके गिरोह का भंडाफोड़ हुआ था। इसके बाद से वह फरार था। तब एसटीएफ ने लल्लापुरा के एंग्लो इंडियन मुस्लिम इंटर कॉलेज से अभ्यर्थी प्रतापगढ़ के रायपुर (पट्टी) निवासी विपिन वर्मा, हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज मैदागिन से अभ्यर्थी रमईपुर नेवादा (पट्टी) निवासी धर्मेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया था। दोनों सेंटर के बाहर से अभ्यर्थियों के सहयोग में खड़े प्रतापगढ़ के मुडियन का पुरा (लालगंज) निवासी चंदर, बेसार सलाहपुर (पट्टी) निवासी दीपक पटेल को पकड़ा गया था。
गिरोह के न्यायालयकर्मी की तलाश
वहीं प्रयागराज के बहरिया के रामगढ़ कोठारी से सरगना के भाई कप्तान सिंह पटेल, ओम प्रकाश पटेल, सोनबरसा मउआइमा हिंद वाहिनी (सराय ममरेज) निवासी राकेश कुमार पटेल, कस्बा फूलपुर निवासी लालता प्रसाद उर्फ गुड्डू, डीहा मौरव (सोरांव) निवसाी अनुज कुमार पाल, मैथईपुर (उतरांव) निवासी शिवप्रकाश पटेल, बल्लीपुर यासीनपुर (उतरांव) निवासी धर्मेन्द्र कुमार सिंह, प्रतापगढ़ के श्रीनाथपुर (पट्टी) निवासी रविकांत वर्मा उर्फ अखिलेश, नन्दा का पुरवा सराव देवराज (जेठवारा) निवासी मनोज कुमार को गिरफ्तार किया गया था। वहां से छापेमारी के दौरान सरगना शिवजीत पटेल भाग निकला था。
गिरोह का तरीका
इस गिरोह में राजेन्द्र यादव उर्फ धीरेन्द्र यादव नामक न्यायालय का कर्मचारी भी शामिल है। प्रश्नपत्र का जुगाड़ राजेंद्र यादव ही करता था। वह परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र की फोटो लेकर सरगना शिवजीत पटेल और उसके भाई कप्तान सिंह पटेल को भेज देता था। इसके बाद दोनों भाई प्रयागराज में सॉल्वरों को एकत्रित कर 20-20 हजार रुपये देकर हल करवाते थे। परीक्षा केंद्र पर बैठे अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र का उत्तर बताते थे। यह गिरोह अपने रिश्तेदारों व जान पहचान के लोगों के माध्यम से परीक्षार्थियों से सम्पर्क कर उन्हें विश्वास में लेकर पांच से 10 लाख रुपये में पास कराने का ठेका लेता था। सरगना शिवजीत की गिरफ्तारी करने वाली टीम में सिगरा थाना प्रभारी समेत लल्लापुरा चौकी प्रभारी शिवम मिश्रा, कांस्टेबल मृत्युंजय सिंह, मो. ईजाद थे।


