
‘नदी प्यासी थी का मर्म दर्शकों तक पहुंचाया
Varanasi News - वाराणसी में 28वें आश्विन नाट्य महोत्सव का उद्घाटन हुआ, जो नाट्य गुरु पीसी होम्बल को समर्पित है। पहले दिन 'नदी प्यासी थी' नाटक का मंचन बीएचयू के युवा कलाकारों ने किया, जिसमें गंभीर विषय को सरल संवादों...
वाराणसी, मुख्य संवाददाता। नागरी नाटक मंडली के 28वें आश्विन नाट्य महोत्सव का शानदार आगाज रविवार को हुआ। महोत्सव नाट्य गुरु पीसी होम्बल को समर्पित है। पहले दिन मल्हान दी रूट ऑफ आर्ट के बैनर तले बीएचयू के युवा कलाकारों ने शानदार अभिनय से ‘नदी प्यासी थी नाटक के मर्म को जीवंत किया। तौकीर खान के निर्देशकीय परिश्रम को मंच पर रंगधर्मियों ने पूरी शिद्दत से सार्थक किया। धर्मवीर भारती द्वारा लिखित यह नाटक न सिर्फ अतीत का दस्तावेज बल्कि वर्तमान की वास्तविकताओं का दर्पण भी साबित हुआ। शीला दत्त और पद्मा दत्त की भूमिका में क्रमश: कृतिका गंगवार और शगुन श्रीवास्तव ने प्रभावी अभिनय से दर्शकों की जबरदस्त प्रशंसा बटोरी।

नाटक की खूबी यह रही कि गंभीर विषय से जुड़ा होने के बाद भी संवादों का प्रवाह बहुत सरल रहा। मंच पर समीर तिवारी, रवि कुमार राय, राकेश बुनकर, प्रियांशु कुमार यादव, शैलेश कुमार, सतीश कुमार, अजय चौहान, विदिशा चित्रवंश, अनुष्का कुमार, प्रतिभा होम्बल, तान्या सिंह चौहान, यशोमान, अब्दुल सत्तार ने विभिन्न पात्रों को मंच पर सजीव किया।

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