बीएचयू चिह्नित करेगा बनारस के प्रदूषित क्षेत्र

Mar 18, 2026 10:38 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, वाराणसी
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Varanasi News - वाराणसी में प्रदूषण के प्रबंधन के लिए बीएचयू में एक परियोजना शुरू की गई है। इसमें शहर की ग्रिडेड उत्सर्जन सूची तैयार की जाएगी, जिसमें प्रदूषण के स्रोतों का अध्ययन किया जाएगा। यह परियोजना राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के तहत है और इसमें ग्रीनहाउस गैसों का डाटाबेस भी तैयार किया जाएगा।

बीएचयू चिह्नित करेगा बनारस के प्रदूषित क्षेत्र

वाराणसी। बनारस के प्रदूषित क्षेत्रों के चिह्नीकरण और प्रबंधन के लिए बीएचयू में परियोजना शुरू हुई है। ओडिशा में बहरामपुर विश्वविद्यालय के पर्यावरण विज्ञानी डॉ. सरोज कुमार साहू ने इस पर काम शुरू किया है। इसमें विश्वविद्यालय के डॉ. किरपा राम और डॉ. सुनीता वर्मा शामिल हैं। इसके तहत पहली बार शहर की ग्रिडेड उत्सर्जन सूची तैयार की जाएगी। यह परियोजना अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन के ‘पेयर’ कार्यक्रम के अंतर्गत शुरू की गई है। इसे जेएनयू से भी सहयोग मिला है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदूषण के प्रमुख कारणों की पहचान, प्रदूषण भार का आकलन और हॉटस्पॉट क्षेत्रों का निर्धारण करना है।

टीम के सदस्य बनारस के लिए ग्रीनहाउस गैस और अन्य वायु प्रदूषकों का राष्ट्रीय स्तर का डाटाबेस तैयार करेंगे। अध्ययन के तहत शहर में विस्तृत सर्वे कर विभिन्न स्रोतों से होने वाले प्रदूषण के आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। परियोजना के तहत चिह्नित क्षेत्रों में अत्याधुनिक उपकरणों के जरिए उन्नत मापन भी किए जा रहे हैं। अगले 9 से 12 महीनों में यह परियोजना एक उच्च-रिज़ॉल्यूशन ग्रिडेड उत्सर्जन सूची तैयार करेगी, जो वाराणसी में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए प्रभावी रणनीतियां बनाने और मॉडलिंग अध्ययनों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

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