बनारस घराने की उपशास्त्रीय परंपरा से परिचित हुए विद्यार्थी
Varanasi News - वाराणसी के बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय में दो दिवसीय उपशास्त्रीय संगीत कार्यशाला का आयोजन हुआ। पहले दिन विदुषी मीना मिश्रा ने गायन की विविधताओं से विद्यार्थियों को परिचित कराया। उन्होंने ठुमरी और दादरा की प्रस्तुतियों के माध्यम से भाव, लय और रागात्मक सौंदर्य का समन्वय किया।

वाराणसी, मुख्य संवाददाता। बीएचयू के संगीत एवं मंच कला संकाय में उपशास्त्रीय संगीत पर दो दिवसीय कार्यशाला बुधवार को शुरू हुई। पं.ओंकारनाथ ठाकुर प्रेक्षागृह में कार्यशाला के पहले दिन विषय विशेषज्ञ बनारस घराने की गायिका विदुषी मीना मिश्रा ने उपशास्त्रीय गायन की विविधताओं से विद्यार्थियों को परिचित कराया। सांगीतिक सत्र में मीना मिश्रा ने बंदिश की ठुमरी ‘पिया से संदेशा मोरा कहियो जाय, कागा रे जा रे जा रे’, दादरा ‘भरी सिर गागर छोड़ो मोरी बहियां’ के बाद जत ताल में निबद्ध ठुमरी ‘अब ना बजाओ श्याम, व्याकुल भई बृजबाम’ की प्रस्तुति से भाव, लय और रागात्मक सौंदर्य का प्रभावशाली समन्वय प्रस्तुत किया।
हारमोनियम पर डॉ. विजय कपूर तथा तबला पर पंकज राय ने संगत की। कार्यक्रम की संयोजक संकाय प्रमुख प्रो.संगीता पंडित रहीं। डॉ. मधुमिता भट्टाचार्य एवं डॉ. श्यामा कुमारी ने संचालन किया। इस अवसर पर डॉ.राम शंकर, डॉ.ज्ञानेशचंद्र पांडेय, प्रो. रेवती सकलकर, डॉ.कुमार अंबरीश चंचल, प्रो.संगीता सिंह, प्रो.प्रेम किशोर मिश्र तथा पं.कुबेरनाथ मिश्रा उपस्थित रहे।
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