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वाराणसी

कोरोना से जंग में संग हो सकता है बेनिया अस्पताल

हिन्दुस्तान टीम,वाराणसीPublished By: Newswrap
Mon, 31 May 2021 10:50 PM
कोरोना से जंग में संग हो सकता है बेनिया अस्पताल

वाराणसी। वरिष्ठ संवाददाता

कोरोना काल में शासन एक तरफ अस्पताल और संसाधन ढूंढ रहा तो दूसरी तरफ शहर के बीच में एक पुराना अस्पताल अपने हाल पर रो रहा है। प्रशासन चाहे तो कोरोना से जंग में इस अस्पताल का बेहतर इस्तेमाल कर सकता है। यह शहर के बीच बेनियाबाग स्थित जच्चा-बच्चा अस्पताल है। इसके जर्जर भवन की मरम्मत कराकर इसे कोरोना संक्रमितों के उपचार के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। एमएलसी शतरुद्र प्रकाश ने इस बाबत शासन और प्रशासन को पत्र भी लिखा है।

1937 में तत्कालीन स्वास्थ्य मंत्री विजयलक्ष्मी पंडित ने इस अस्पताल की आधारशिला रखी थी। जीवन के 50वें या 60वें दशक में प्रवेश कर चुके शहर के तमाम लोगों का जन्म इसी अस्पताल में हुआ। वर्ष-2003 में तत्कालीन मेयर अमरनाथ यादव ने लगभग साढ़े सात लाख रुपये की लागत से यहां कर्मचारी आवास भी बनवाया लेकिन मौजूदा समय में इस अस्पताल की हालत बेहद खराब है। फिलहाल नगर निगम इसे वाहन पार्किंग की तरह इस्तेमाल कर रहा है। यहां नर्स मीरा देवी के अलावा ऊषा, कांति और सावित्री कार्यरत हैं लेकिन भवन में उनके बैठने तक की जगह नहीं है।

शतरुद्र प्रकाश ने कहा कि भवन मरम्मत के लिए उन्होंने नगर आयुक्त से विधायक निधि से धनराशि आवंटित करने को भी कहा लेकिन इसके आगे कोई निर्णय नहीं लिया जा सका। उन्होंने सुझाव दिया कि इस अस्पताल को अगर शासन पुनर्जीवित करा ले तो कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल पर दबाव काफी कम हो जाएगा। शहर के बीच होने से इस अस्पताल तक पहुंचना भी मरीजों के लिए आसान होगा।

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