
नगर निगम सदन: 1.41 लाख शहरवासियों को जलकर सरचार्ज से राहत
Varanasi News - वाराणसी में एक लाख 41 हजार 103 आवासीय भवनस्वामियों को जलकर पर सरचार्ज नहीं देना होगा। उन्हें 31 मार्च 2026 तक मूल बकाया राशि का भुगतान करना होगा। यह निर्णय नगर निगम की बैठक में पारित किया गया। महापौर ने जलकल विभाग को सरचार्ज माफी की योजना पर पुनर्विचार करने की आवश्यकता बताई।
वाराणसी, वरिष्ठ संवाददाता। शहर के एक लाख 41 हजार 103 भवनस्वामियों को बकाया जलकर पर सरचार्ज नहीं देना होगा। इससे उन भवनस्वामियों (केवल आवासीय) को राहत मिलेगी जिनके जलकर के बिलों पर ब्याज लगाया गया था। लेकिन उन्हें 31 मार्च 2026 तक मूल बकाया राशि का भुगतान करना होगा। इन भवनों पर 72 करोड़ दो लाख रुपये सरचार्ज है। सोमवार को टाउनहॉल स्थित गांधी भवन में नगर निगम सदन की बैठक में इसे मंजूरी दी गई। महापौर अशोक कुमार तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में धारा 91 (2) के तहत पार्षद सुरेश कुमार चौरसिया ने यह प्रस्ताव रखा। जिसका समर्थन राजेश यादव चल्लू ने किया।
हालांकि उन्होंने व्यावसायिक श्रेणी के भवनों पर भी सरचार्ज माफी की मांग उठाई। सुरेश कुमार चौरसिया ने कहा कि जलकल विभाग हर साल एकमुश्त जमा समाधान योजना के तहत सरचार्ज में 100 प्रतिशत की छूट देता था लेकिन दो साल से नहीं दे रहा है। प्रदेश सरकार ने बिजली उपभोक्ताओं को भी सरचार्ज माफी दी है, ऐसे में नगर निगम में इसका पालन होना चाहिए। मिनी सदन की बैठक सोमवार को करीब 12.30 बजे शुरू हुई। पार्षद राजेश यादव चल्लू ने सभी चिह्नित कुओं की सफाई पूरी न होने पर सवाल किया। महापौर ने चीफ इंजीनियर आरके सिंह से रिपोर्ट मांगी। चीफ इंजीनियर ने 31 मार्च 2026 तक 536 कुंओं की सफाई होने का भरोसा दिया। मदन मोहन दुबे ने कहा कि डोर टु डोर कूड़ा उठान की कंपनी वाराणसी वेस्ट सॉल्यूशन की कार्यशैली में सुधार नहीं हो रहा है। इसके अलावा प्रवेश मार्गों पर स्वागत द्वार बनाया जाएं। हनुमान प्रसाद ने 2023 से अब तक वार्डवार ट्यूबवेल संचालन की सूची पार्षर्दों को उपलब्ध कराने की मांग रखी। उपसभापति नरसिंह दास ने कहा कि साल 2010 से बीएचयू पर गृहकर, जलकर व सीवरकर बकाया है। न्यायालय ने भी इस मामले पर आपसी सहमति से समाधान का निर्देश दिया था। बीएचयू प्रशासन की पेयजल, सीवर, पंपिंग स्टेशन आदि सुविधाएं स्वयं की हैं। ऐसी स्थिति में टैक्स के बिलों में संशोधन होना चाहिए। अमृत जल मिशन योजना-1 के अन्तर्गत हर घर को कनेक्शन देना था। जल निगम ने लोगों में नि:शुल्क कनेक्शन का प्रचार करके कनेक्शन दे दिया। अब हजारों भवनस्वामियों को दोहरा बिल भेजा रहा है। हनुमान प्रसाद ने कहा कि कई बार कार्यकारिणी एवं मिनी सदन के निर्देश के बाद भी पद्म पुरस्कारों से सम्मानित विशिष्टजनों के आवास पर एक कमरे को संग्रहालय के रूप में विकसित करने, आसपास की सड़कें, गलियों की मरम्मत का निर्देश दिया था। लेकिन इस पर गंभीरता से कार्य नहीं हुआ। कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अली ने कहा कि परिषद विभाग में तीन प्रस्ताव दिए गए लेकिन सभी काट दिए गए। जलकल सरचार्ज का प्रस्ताव भी शामिल था लेकिन इसे हटा दिया गया। इस दौरन सिंधु सोनकर, सुशील गुप्ता, गोविंद प्रसाद, मिथिलेश साहनी, सुरेश पटेल गुड्डू, सीमा वर्मा, कुसुम पटेल आदि मौजूद रहीं। लेटलतीफी पर अफसरों पर हो जुर्माना श्याम आसरे मौर्य ने कहा कि अक्सर शिकायतें आती हैं कि विभागीय अधिकारी, जेई, एई, एक्सईएन विकास कार्यों को लेकर लापरवाही कर रहे हैं। जिससे समय पर कार्य नहीं होते। मिनी सदन को ऐसे अधिकारियों पर जनहित गारंटी अधिनियम 2011 के तहत 50 हजार रुपये तक जुर्माने की व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इंदौर की घटना से सीख लेनी चाहिए। दूषित पेयजल समस्या को भी गंभीरता से लिया जाए। पानी की टंकियों की नियमित सफाई हो। एक पटल पर जमे बाबुओं का तबादला राजकपूर चौधरी ने कहा कि एक पटल पर तीन वर्ष या अधिक समय से कार्यरत बाबुओं, कर्मचारियों को दूसरे विभाग में स्थानांतरित किया जाए। नरसिंह दास ने कहा कि नगर आयुक्त कैंप कार्यालय में वर्षों से तैनात रत्नेश श्रीवास्तव समेत अन्य के बारे में भी फैसला लेने की जरूरत है। चौकियों पर निर्माण सामग्रियां न होने पर नाराजगी अमरदेव यादव, श्रवण गुप्ता, चंद्रनाथ मुखर्जी, सुरेश चौरसिया, सपा पार्षद दल नेता हारुन अंसारी ने कहा कि दो साल पहले सदन ने सामान्य विभाग को निर्माण चौकियों पर गिट्टी, बालू रखने का निर्देश दिया था। अब तक इसका पालन नहीं किया गया। अमरदेव यादव ने कहा कि हर वार्ड में एक मिस्त्री दो मजदूर रखने का भी निर्देश था और वार्डवार सूची पार्षदों को देने को कहा गया था। अफसर मिनी सदन को गुमराह कर रहे हैं। महापौर ने चीफ इंजीनियर से नाराजगी जताई। कहा, आपको हिन्दी समझ में नहीं आती है क्या? अगले सोमवार तक इसका पालन होना ही चाहिए और कोई जेई, एई तथा एक्सईएन मरम्मत कार्य की फाइल न बनाए। इसकी निगरानी नगर आयुक्त करेंगे। स्ट्रीट लाइट का रखरखाव निगम करेगा धारा 91 (1) के तहत प्रस्ताव में नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने कहा कि ईईएसएल के साथ स्ट्रीट लाइट के समझौते की समय सीमा समाप्त हो गई है। अब नगर निगम को रखरखाव करना है। इसके लिए 43,570 स्ट्रीट लाइटों की जोनवार रखरखाव की जिम्मेदारी है। इसके लिए अतिरिक्त स्टाफ और फंड की जरूरत होगी। कंपनी से सीधी खरीद पर हर साल 27 करोड़ रुपये की जरूरत निगम को होगी। दो मिनट का मौन सप्तसागर की पार्षद रहीं श्यामा देवी के निधन पर संजय केशरी ने शोक प्रस्ताव पढ़ा। श्यामा देवी 1995 से 2000 तक पार्षद रहीं। मिनी सदन ने दो मिनट का मौन रखकर उन्हें श्रद्धांजलि दी।

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