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बरेका के कीर्तिमान और संघर्षों को किया याद

बनारस रेल इंजन कारखाना के 68वें स्थापना दिवस पर मंगलवार को रेल अधिकारी और कर्मचारी कारखाना के कीर्तिमान और इतिहास को यादकर किया। बरेका प्रेक्षागृह...

बरेका के कीर्तिमान और संघर्षों को किया याद
हिन्दुस्तान टीम,वाराणसीTue, 23 Apr 2024 11:15 PM
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वाराणसी, विशेष संवाददाता। बनारस रेल इंजन कारखाना के 68वें स्थापना दिवस पर मंगलवार को रेल अधिकारी और कर्मचारी कारखाना के कीर्तिमान और इतिहास को यादकर किया। बरेका प्रेक्षागृह में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम ‘काशी-पूरी में कलाकारों की प्रस्तुति ने सभी का मनमोह लिया।
महाप्रबंधक बासुदेव पंडा ने बताया 23 अप्रैल 1956 को कारखाने का शिलान्यास राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने किया था। पिछले वित्तीय वर्ष में 475 रेल इंजनों का उत्पादन कर कीर्तिमान स्थापित किया है, जो बरेका के कर्मचारियों अधिकारियों के परिश्रम को दर्शाता है।

सांस्कृतिक कार्यक्रम का प्रारंभ रितिका और खुशी शर्मा ने भगवान गणेश को नृत्यांजलि अर्पित कर की। इसके बाद मोनिका मिश्रा ने भजन, अनिता पांडेय व मुकेश सिंह ने गजल सुनाकर समां बांधा। गुजराती समूह नृत्य ने दर्शकों को आकर्षित किया। मुकेश दुबे द्वारा निर्देशित नाटक ‘नादान परिंदे ने सामाजिक संदर्भों से जोड़ा। इस अवसर पर विशिष्ठ अतिथि महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष नीलिमा पंडा, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एसके श्रीवास्तव, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक रजनीश गुप्ता, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर सुब्रत नाथ, प्रधान वित्त सलाहकार नीरज वर्मा, प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त रणवीर सिंह चौहान, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार, प्रमुख मुख्य इंजीनियर विनोद कुमार शुक्ला आदि रहे। स्वागत प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी जनार्दन सिंह व धन्यवाद ज्ञापन उप मुख्य कार्मिक अधिकारी, मुख्यालय श्याम बाबू ने किया।

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