ईश्वर से निकटता को विलासिता से दूर रहें
Varanasi News - वाराणसी में संत अखिल दास महाराज ने कहा कि मोह और लोभ से बचकर ही ईश्वर की आराधना सफल हो सकती है। उन्होंने भक्ति में लीन होने और विवेक का महत्व बताया। साधना और संकल्प को गुप्त रखना चाहिए। प्रभु की परीक्षा नहीं लेनी चाहिए।

वाराणसी, संवाददाता। मोह माया और लोभ से बचकर हमें विलासिता से दूर रहना चाहिए। इसके बिना ईश्वर की आराधना सफल नहीं हो सकती। ये बातें कालरात्रि पीठाधीश्वर संत अखिल दास महाराज ने कहीं। वह सुसुवाहीं-लंका मार्ग स्थित महादेवनगर कॉलोनी पार्क में शुक्रवार को श्रीराम कथा के उद्घाटन के बाद प्रवचन कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जब तक प्रभु के श्रीचरणों की भक्ति में लीन नहीं होंगे उनके दर्शन मुश्किल हैं। भगवान तर्क का नहीं, समर्पण का विषय हैं। प्रभु की कभी परीक्षा नहीं लेनी चाहिए। जीवन में भक्ति के साथ विवेक बहुत जरूरी है। साधना और संकल्प को गुप्त रखना चाहिए।
यह छिपाने से बढ़ता और बताने से घटता है।
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