Appointment made for illegal advertisement in BHU Eye Department canceled - बीएचयू नेत्र विभाग में अवैध विज्ञापन पर की गई नियुक्ति रद DA Image
13 दिसंबर, 2019|12:34|IST

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बीएचयू नेत्र विभाग में अवैध विज्ञापन पर की गई नियुक्ति रद

बीएचयू नेत्र विभाग में अवैध विज्ञापन पर की गई नियुक्ति रद

बीएचयू अस्पताल के नेत्र विभाग में अवैध विज्ञापन पर पूर्व में नियुक्त प्रो. आरपी मौर्य को विश्वविद्यालय प्रशासन ने सेवा मुक्त कर दिया है। हाईकोर्ट के आदेश का सम्मान करते हुए विवि ने उस समय के विज्ञापन को रद कर दिया।

प्रो. मौर्य विश्वविद्यालय कर्मचारी स्वास्थ्य केंद्र कॉम्पलेक्स में सीनियर मेडिकल अफसर के पद पर पुन: नियुक्त कर दिए गए। इस विज्ञापन पर हाईकोर्ट की रोक के बाद भी तात्कालिक कुलपति प्रो. लालजी सिंह के समय नियुक्ति हुई थी।

बीएचयू प्रशासन ने 14 फरवरी 2013 को विज्ञापन संख्या 05/ 2012-13 जारी किया। जिसमें प्रोफसर के 117, एसोसिएट प्रोफेसर के 195 तथा 333 सहायक प्रोफेसरों का पद की रिक्तियां निकालीं। इस आधार पर डॉ. आरपी मौर्य ने भी आवेदन किया था। उसी दौरान कुछ लोगों ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की। इस पर 17 फरवरी 2014 को हाईकोर्ट ने डॉ. मौर्य की नियुक्ति पर रोक लगा दी। इसके बावजूद उनकी नियुक्ति नेत्र विभाग में कर दी थी। प्रकरण का खुलासा होने पर बीते 30 नवम्बर को वर्तमान कुलपति प्रो. राकेश भटनागर के निर्देश पर डॉ. मौर्य को उस विज्ञापन के तहत मिले पद से मुक्त कर दिया गया।

वहीं नेत्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. ओपीएस मौर्य ने बताया कि विज्ञापन को हाईकोर्ट ने रद कर दिया। इससे नियुक्तियां भी रद कर दी गई। इस बाबत प्रो. आरपी मौर्य से बात करने का प्रयास विफल रहा उनका मोबाइल फोन बंद था। बीएचयू के पीआरओ डॉ.राजेश सिंह का कहना है कि विश्वविद्यालय न्यायालय के आदेश व निर्णय का पालन करता है।

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