झारखंड के शिक्षकों को सिखाया एआई शिक्षण
बीएचयू के अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र और विनोबा भावे विवि ने झारखंड के कॉलेज शिक्षकों के लिए एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया। छह दिनी कार्यक्रम का समापन महिला महाविद्यालय चतरा में हुआ। मुख्य अतिथि प्रो. प्रेम नारायण सिंह ने भारतीय ज्ञान परंपरा और एआई के संगम से उच्च शिक्षा में नवाचार और गुणवत्ता की बात की।

वाराणसी, प्रमुख संवाददाता। बीएचयू स्थित अंतर विश्वविद्यालय अध्यापक शिक्षा केंद्र और हजारीबाग के विनोबा भावे विवि की तरफ से झारखंड के कॉलेजों के शिक्षकों के लिए एआई प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। छह दिनी ‘समतामूलक उच्च शिक्षा: भारतीय ज्ञान परंपरा एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता का एकीकरण’ विषयक संकाय विकास कार्यक्रम का महिला महाविद्यालय चतरा में बुधवार को समापन हुआ।मुख्य अतिथि आईयूसीटीई के निदेशक प्रो. प्रेम नारायण सिंह ने कहा कि जब भारतीय ज्ञान परंपरा की सांस्कृतिक एवं बौद्धिक विरासत का संगम कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती तकनीकों से होगा, तब उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धात्मकता के नए आयाम स्थापित होंगे।
विनोबा भावे विवि के कुलपति प्रो. चंदभूषण शर्मा ने बताया की 1986 में कंप्यूटर आने के बाद भारतीय छात्र इसे सीखकर पूरी दुनिया में राज कर रहे हैं। आने वाला समय एआई का होगा। उन्होंने कहा कि झारखंड में एक लाख छात्राओं को एआई का प्रशिक्षण देने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है। समारोह को आईयूसीटीई के संकाय प्रमुख प्रो. आशीष श्रीवास्तव, विश्वविद्यालय संयोजक डॉ. अरुण कुमार मिश्रा, जिला कार्यक्रम समन्वयक डॉ. मनीष दयाल ने संबोधित किया।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


