रेडी टु यूज फूड विकसित करें कृषि वैज्ञानिक
Varanasi News - केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि वैज्ञानिकों से किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के तहत नई सब्जियों की किस्में विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कीट प्रतिरोधी फसलों, जलवायु-स्मार्ट बीजों और रेडी टु यूज उत्पादों पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर दिया। बैठक में संस्थान की उपलब्धियों की रिपोर्ट भी प्रस्तुत की गई।

जक्खिनी (वाराणसी), संवाद। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि वैज्ञानिकों से आह्वान किया कि वे किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बाजार और अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सब्जियों की नई किस्में विकसित करें। उन्होंने अल्पदोहित सब्जी फसलों कलमी साग, पंखिया सेम, ग्वार, बाकला, बथुआ और केवाच पर विशेष शोध करने के साथ रेडी टु यूज (कन्विनिएंट फूड) उत्पाद जैसे टमाटर और लौकी पाउडर विकसित करने पर भी जोर दिया। केंद्रीय मंत्री बुधवार को शहंशाहपुर स्थित भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान (आईआईवीआर) में कृषि वैज्ञानिकों के साथ समीक्षा बैठक कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सब्जी फसलों में उत्पादकता के अंतर (प्रोडक्टिविटी गैप) को कम करना आज की जरूरत है।
वैज्ञानिकों को कीट एवं रोग प्रतिरोधी किस्मों का विकास करना चाहिए। कृषि मंत्री ने किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) के साथ समन्वय स्थापित कर अधिक से अधिक किसानों को लाभान्वित करने पर बल दिया। साथ ही जलवायु-स्मार्ट बीज विकसित करने, प्रति इकाई उत्पादन क्षमता बढ़ाने, किसानों की उपज की मार्केटिंग सुनिश्चित करने और युवाओं को कृषि-उद्यमिता से जोड़ने के निर्देश दिए। कहा कि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य में कृषि क्षेत्र की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। बैठक में निदेशक डॉ. राजेश कुमार ने संस्थान की उपलब्धियों और कार्यों की रिपोर्ट प्रस्तुत की। सहायक महानिदेशक डॉ. सुधाकर पांडेय ने संस्थान की गतिविधियों की जानकारी दी। मऊ स्थित आईसीएआर के संस्थानों के निदेशक डॉ. आलोक श्रीवास्तव और डॉ. आनंदन समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे। संचालन डॉ. नीरज सिंह और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. एएन सिंह ने किया।
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