संगमम्: ‘ऋषि अगस्त्य वाहन अभियान’ से सांस्कृतिक सेतु हुआ साकार

संगमम्: ‘ऋषि अगस्त्य वाहन अभियान’ से सांस्कृतिक सेतु हुआ साकार

संक्षेप:

Varanasi News - तमिल और भारतीय परंपरा की प्राचीन सभ्यतागत यात्रा पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से शुरू हुआ ऋषि अगस्त्य वाहन अभियान बुधवार को काशी पहुंचा। यह यात्रा तमिलनाडु के तेनकाशी से शुरू होकर नौ दिनों में विभिन्न राज्यों से होते हुए काशी पहुंची। मेहमानों का भव्य स्वागत किया गया और यात्रा के दौरान सांस्कृतिक निकटता का उत्सव मनाया गया।

Dec 11, 2025 01:24 am ISTNewswrap हिन्दुस्तान, वाराणसी
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वाराणसी, कार्यालय संवाददाता। तमिल और भारतीय परम्परा की प्राचीन सभ्यतागत यात्रा पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से शुरू हुआ ऋषि अगस्त्य वाहन अभियान (कार रैली) बुधवार को काशी पहुंचा। मोहनसराय और नमो घाट पर मेहमानों का भव्य स्वागत किया गया। काशी तमिल संगमम् 4.0 के तहत तमिलनाडु के तेनकाशी (तिरुनेलवेली) से शुरू हुई यह यात्रा विभिन्न राज्यों से होते हुए नौ दिनों में यहां पहुंची। जिले में प्रवेश करने पर मोहनसराय स्थित काशी द्वार पर 15 से 20 वाहनों से पहुंचे लगभग 100 प्रतिभागियों का भव्य स्वागत किया गया। एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा सहित सैकड़ों भाजपा कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने पुष्पवर्षा की। अतिथियों का माल्यार्पण किया।

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इसके बाद नमो घाट पर मंडलायुक्त एस. राजलिंगम और जिलाधिकारी सत्येन्द्र कुमार ने दल का औपचारिक स्वागत किया। मंडलायुक्त ने कहा कि यह यात्रा न केवल तमिल और काशी की सांस्कृतिक निकटता का उत्सव है, बल्कि भारत की आध्यात्मिक एकता की वह जीवंत अनुभूति है जिसने सदियों से उत्तर और दक्षिण को एक सूत्र में बांध रखा है। यात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने चेरा, चोल, पांड्य, पल्लव, चालुक्य और विजयनगर जैसे महान राजवंशों की संस्कृति, वास्तुकला, ज्ञान और परम्पराओं की विरासत से जुड़े स्थलों का अध्ययन करते हुए स्थानीय लोगों से संवाद भी किया। कारवां ने तमिल प्रदेश से उत्तर भारत तक फैली सभ्यतागत निरंतरता, कलात्मक परंपराओं, शिल्प, साहित्य एवं सिद्ध चिकित्सा परंपराओं के जीवंत सूत्रों को खोजने और दस्तावेजीकृत भी किया।