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वाराणसीछात्रों को तनाव प्रबंधन सिखाएगी ‘एजुकेशनल क्लीनिक

हिन्दुस्तान टीम,वाराणसीPublished By: Newswrap
Tue, 01 Jun 2021 03:21 AM
छात्रों को तनाव प्रबंधन सिखाएगी ‘एजुकेशनल क्लीनिक

छात्रों को तनाव प्रबंधन सिखाएगी ‘एजुकेशनल क्लीनिक

वाराणसी। वरिष्ठ संवाददाता

केस 1 : 12वीं कक्षा के छात्र प्रदीप कोरोना काल में पढ़ाई को लेकर तनाव में हैं। इंजीनियरिंग एंट्रेंस की तैयारी कर रहे प्रदीप को लगता है कि 12वीं परीक्षा आननफानन में निपटा देने का असर इंजीनियरिंग में उनके एडमिशन पर पड़ेगा। प्रदीप को हमेशा साल बरबाद होने का डर सताता रहता है।

केस 2 :कक्षा नौ की होनहार छात्रा नीलम ने पूरे साल मेहनत से पढ़ाई की है। कोरोना की वजह से सभी को अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया। नीलम इसे लेकर निराशा से ग्रस्त है। उसे लगता है कि मेहनत और लगन से की गई उसकी पढ़ाई बेकार हो गई।

ये कुछ उदाहरण हैं जब पढ़ाई के अलावा कई दूसरे कारणों से स्कूली छात्र तनाव और अवसाद के घेरे में आ रहे हैं। नतीजतन उनका आत्मविश्वास गिरता जाता है और प्रतिभाशाली होने के बावजूद वह प्रदर्शन में चूक जाते हैं। ऐसे छात्रों के लिए गुरुजन आगे आए हैं। सीएम एंग्लो बंगाली इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. विश्वनाथ दुबे ने विशेषज्ञों के साथ मिलकर ऐसे छात्रों के लिए ‘एजुकेशनल क्लीनिक की शुरुआत की है। शिक्षाविदों और मनोवैज्ञानिकों की यह टीम देशभर से मदद मांगने वाले छात्रों को तनाव प्रबंधन और व्यवस्थित अध्ययन के तरीके सिखाएगी।

अक्सर देखा गया है कि अंतिम वर्ष के छात्र भी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी या आगे के कॅरियर की सोचकर तनावग्रस्त हो जाते हैं। कुछ अभिभावकों के दबाव या घरेलू वातावरण के कारण भी पढ़ाई पर पूरा ध्यान नहीं लगा पाते। इसका असर उनके रिजल्ट पर पढ़ता है। सीएम एंग्लो बंगाली कॉलेज में वर्चुअल माध्यम से ऐसे छात्रों की काउंसिलिंग की तैयारी पूरी कर ली गई है। विशेषज्ञों का पैनल छात्रों से उनकी समस्या पर बात करेगा और उनके डर को दूर भगाने के तरीके सुझाएगा। पैनल से जुड़े शिक्षाविद छात्रों को व्यवस्थित व सही तरीके से पढ़ाई करने के तरीके समझाएंगे ताकि उनका आत्मविश्वास बढ़े।

डॉ. विश्वनाथ दुबे ने बताया कि इस काम में कॉलेज का ‘बाल सेना क्लब भी मददगार होगा। इन्हें तनावग्रस्त छात्रों को एजुकेशनल क्लीनिक से जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है। साथ ही काउंसिलिंग करा रहे छात्रों से नियमित मुलाकात कर उनकी रिपोर्ट लेते रहें। एजुकेशनल क्लीनिक किसी एक स्कूल या कॉलेज के लिए नहीं है। मदद के लिए देश के किसी भी स्कूल से छात्र-छात्राएं वर्चुअल क्लीनिक से जुड़ सकते हैं।

पैनल में हैं ये विशेषज्ञ

नवयुग विद्या मंदिर इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश पांडेय, यूपी कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. रमेश प्रताप सिंह, हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य डॉ. प्रियंका त्रिपाठी, अग्रसेन कन्या इंटर कॉलेज की प्रधानाचार्य संगीता बनर्जी, ग्राम्य विद्यापीठ इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. कलाधर दुबे, इंटर कॉलेज शहंशाहपुर मुसर्रत इस्लाम एवं एओ मुस्लिम बालिका इंटर कॉलेज की डॉ. नाहिद बेगम, प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. आरके भाटिया, डॉ. पीसी शर्मा, डॉ. विभा मिश्रा और सेवा भारती इंटर कॉलेज इलाहाबाद के प्रधानाचार्य डॉ. बृजेश शर्मा।

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