32 crores spent even when Benaras fails in Odif Plus - 32 करोड़ खर्च, तब भी ओडीएफ प्लस में बनारस फेल DA Image

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32 करोड़ खर्च, तब भी ओडीएफ प्लस में बनारस फेल

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स्वच्छता मिशन में बनारस को बड़ा झटका लगा है। ओडीएफ प्लस की परीक्षा में बनारस फेल हो गया है। जिससे स्वच्छता रैंकिंग पर इसका असर पड़ सकता है। हालांकि नगर निगम ने इसे सही नहीं ठहराया है और प्रस्ताव भेजकरअपना पक्ष रखनेकी तैयारी की जा रही है।

32 करोड़ रुपये खर्च करके नगर निगम क्षेत्र में साल 2015 से शौचालयों का निर्माण किया गया था। लेकिन सर्वे के दौरान इन शौचालयों में लोगों के लिये छोटी-छोटी सुविधाएं न होने और लापरवाही के कारण बनारस को 150 अंक पाकर ही संतोष करना पड़ा। जबकि ओडीएफ प्लस की श्रेणी में आने के लिये 200 अंक की जरूरत थी।

बनारस को पिछले साल खुले में शौच से मुक्त घोषित किया गया था जिसके लिये कई शौचालयों का निर्माण कराया गया था। 27 से 29 जनवरी के बीच शहरी विकास मंत्रालय के निर्देश पर क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) ने सर्वेक्षण किया था। सर्वेक्षण में नगर निगम ने ऐसे शौचालयों की सूची उपलब्ध कराई थी जहां बेहतर सुविधाएं दी जाती हैं। लेकिन क्यूसीआई टीम को सुलभ इंटरनेशनल द्वारा संचालित छह शौचालयों में सुविधाओं की कमी मिली। जिससे ओडीएफ प्लस का तमगा बनारस को नहीं मिल सका।

नगर निगम ने सर्वेक्षण शुरू होने से करीब डेढ़ महीने पहले सुलभ इंटरनेशनल के प्रबंधकों व कर्मचारियों के साथ जागरूकता बैठक की थी और इसके लिये होल्डिंग, बैनर, पोस्टर पर लाखों रुपये भी खर्च हुए थे।

इन सुविधाओं की कमी से फेल हुआ बनारस

-शौचालयों में पेपर नैपकिन का न होना

-शौचालयों के बाहर रेट न लिखा होना

-बाहर की ओर पर्याप्त लाइट की व्यवस्था से दूर से न दिखना

-शौचालयों में वेंटिलेशन न होना

-सैनिटरी नैपकिन फेंकने के लिये डस्टबिन न होना और जिनमें डस्टबिन मिले उनके ढक्कन खुले होना

इन क्षेत्रों के शौचालयों में मिली ज्यादा खामियां

-सोनारपुरा-हरिश्चंद्र घाट

-मिंट हाउस-राजा बाजार

-दशाश्वमेध

-गोदौलिया चौराहा

-सारनाथ

क्या है ओडीएफ प्लस

खुले में शौच मुक्त होने पर ओडीएफ श्रेणी मिलती है। ओडीएफ प्लस में मुख्य रूप से सार्वजनिक, घरेलू, विद्यालयों के शौचलयों की स्थिति देखी जाती है। इसी पर आधारित नंबरों पर अंक निर्धारित किये जाते हैं।

वर्जन-

ओडीएफ प्लस से बनारस को गलत तरीके से बाहर किया गया है। नगर निगम की ओर से आपत्ति दर्ज कराई जायेगी। इसके लिये प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है।

डॉ. एके दुबे, नगर स्वास्थ्य अधिकारी

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