नाव पर इफ्तार करने वालों पर शिकंजा कसा, नई धाराओं में केस, कोर्ट परिसर में धमकाने का भी आरोप
वाराणसी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने वाले 14 आरोपियों पर पुलिस ने नई धाराएं (धमकी और आईटी एक्ट) लगाकर उन्हें फिर जेल भेज दिया है। मामले में केस दर्ज कराने वाले भाजयुमो नेता और अधिवक्ता ने धमकाने का आरोप लगाया है।

UP News: देश का सांस्कृतिक राजधानी काशी में गंगा की लहरों पर इफ्तार पार्टी आयोजित करने और मांसाहार के अवशेष पवित्र नदी में फेंकने का मामला अब और गंभीर हो गया है। इस प्रकरण में गिरफ्तार 14 आरोपियों पर पुलिस ने दो नई धाराएं जोड़ते हुए उन्हें फिर से जेल भेज दिया है। वहीं, दूसरी ओर केस कराने वाले भाजयुमो नेता और उनके अधिवक्ता को धमकाने का आरोप लगा है। भाजयुमो नेता की ओर से सिगरा थाने में धमकाने का केस भी दर्ज करा दिया गया है।
नई धाराएं और न्यायिक रिमांड
कोतवाली पुलिस ने इफ्तार करने वालों पर इस मामले में नाविक को जान से मारने की धमकी देने, जबरन नाव कब्जे में लेने और आईटी एक्ट की नई धाराएं लगाई हैं। गुरुवार को एसीजेएम (नवम) अमित कुमार यादव की अदालत में सभी 14 आरोपियों को जिला जेल से कड़ी सुरक्षा के बीच पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने दलील दी कि आरोपियों का कृत्य न केवल धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाला है, बल्कि साक्ष्य भी उनके खिलाफ हैं। अदालत ने सभी को न्यायिक रिमांड पर फिर से जेल भेज दिया है और जमानत अर्जी पर सुनवाई के लिए 23 मार्च की तारीख तय की है।
कोर्ट परिसर में 'गुंडागर्दी' का आरोप
सुनवाई के दौरान अदालत परिसर में उस वक्त तनाव व्याप्त हो गया, जब अधिवक्ता शशांक शेखर त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि आरोपियों के समर्थकों ने उन्हें और उनके मुवक्किल को खुलेआम धमकी दी। अधिवक्ता ने कहा, "10-12 लोगों ने आकर कहा कि तुम्हें छोड़ेंगे नहीं। यह सीधे तौर पर कानून को चुनौती है। जिस मानसिकता से मां गंगा का अपमान किया गया, वह निंदनीय है। हम इन पर रासुका (NSA) लगाने की मांग करते हैं।"
भाजयुमो अध्यक्ष को जान से मारने की धमकी
मामले के मुख्य वादी और भाजयुमो महानगर अध्यक्ष रजत जायसवाल ने सिगरा थाने में अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। उन्होंने तहरीर में बताया कि 16 मार्च को केस दर्ज कराने के बाद से ही सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं और उन्हें जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं, जिससे उनका परिवार दहशत में है।
क्या था पूरा मामला?
बीते दिनों वाराणसी के मदनपुरा इलाके के कुछ युवकों ने गंगा के बीचों-बीच नाव पर इफ्तार पार्टी की थी। आरोप है कि इस दौरान चिकन बिरयानी की हड्डियां और अन्य जूठन गंगा में फेंकी गई, जिससे करोड़ों लोगों की आस्था को ठेस पहुंची। भाजयुमो नेता ने पुलिस को तहरीर देते हुए इफ्तार करने वालों पर केस दर्ज कराया। पुलिस ने त्वरित ऐक्शन लेते हुए 14 लोगों को गिरफ्तार किया था। अब मामले में नई धाराओं के जुड़ने से आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
लेखक के बारे में
Yogesh Yadavयोगेश यादव लाइव हिन्दुस्तान में पिछले छह वर्षों से यूपी सेक्शन को देख रहे हैं। यूपी की राजनीति, क्राइम और करेंट अफेयर से जुड़ी खबरों को कवर करने की जिम्मेदारी निभा रहे हैं। यूपी की राजनीतिक खबरों के साथ क्राइम की खबरों पर खास पकड़ रखते हैं। यूपी में हो रहे विकास कार्यों, शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में आ रहे बदलाव के साथ यहां की मूलभूत समस्याओं पर गहरी नजर रखते हैं।
पत्रकारिता में दो दशक का लंबा अनुभव रखने वाले योगेश ने डिजिटल से पहले प्रिंट में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई। लम्बे समय तक हिन्दुस्तान वाराणसी में सिटी और पूर्वांचल के नौ जिलों की अपकंट्री टीम को लीड किया है। वाराणसी से पहले चड़ीगढ़ और प्रयागराज हिन्दुस्तान को लांच कराने वाली टीम में शामिल रहे। प्रयागराज की सिटी टीम का नेतृत्व भी किया।
बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से बीकॉम में ग्रेजुएट और बनारस की ही काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएट योगेश ने कई स्पेशल प्रोजेक्ट पर काम भी किया है। राष्ट्रीय नेताओं के दौरों को कवर करते हुए उनके इंटरव्यू किये। नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत से जुड़े रहस्यों पर हिन्दुस्तान के लिए सीरीज भी लिख चुके हैं।


